वसीम अख्तर, लातेहार से जोहार लाइव के लिए
बीते हफ्ते इंडियन एक्सप्रेस की एक पड़ताल में यह खुलासा हुआ था कि झारखंड के गोड्डा जिले में बीजेपी के बूथ लेवल एजेंट एसआईआर के दौरान मुस्लिम मतदाताओं के खिलाफ थोक में फर्जी फॉर्म-7 जमा कर रहे हैं, ताकि उनके नाम मतदाता सूची से कट जाएं. अब वही पैटर्न लातेहार जिले में भी सामने आया है, जहां बीजेपी के बूथ एजेंटों पर 42 मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटने की साज़िश का आरोप लगा है. हमारे संवाददाता वसीम अख्तर की रिपोर्ट बताती है कि कैसे लातेहार में 42 मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटने की कोशिश की गई.
कैसे सामने आया मामला?
हमारे रिपोर्टर वसीम ने लातेहार में इस पूरे मामले की पड़ताल की है. मामला लातेहार जिले के महुआडांड़ अनुमंडल का है. मनिका विधानसभा क्षेत्र की गडबूढ़नी पंचायत के पहाड़ कापू गांव में बूथ संख्या 317 पर 5 सितंबर को गांव की बीएलओ अनिमा खलखो के पास एक साथ 42 फॉर्म-7 जमा हुए. गांव वालों का आरोप है कि यह फॉर्म बीजेपी बूथ एजेंट जोगेंदर खरवार लेकर आए, जिन्हें ये फॉर्म पार्टी के राजेंद्र कुमार सोनी ने थमाए थे. फॉर्मों में मतदाताओं को “पते पर मौजूद नहीं” या “शिफ्टेड” बताकर नाम काटने की मांग की गई, जबकि आरोप है कि इनमें कई वोटर, जैसे अख्तरी खातून, का नाम ड्राफ्ट सूची में पहले से दर्ज है और वे गांव में ही रहती हैं.
किन 42 वोटरों का नाम काटने की कोशिश
जिन 42 मतदाताओं के नाम फर्जी तरीके से फॉर्म-7 भरकर काटने की कोशिश की गई, उनमें शामिल हैं- अमानुल अंसारी, जलालुद्दीन अंसारी, नसराफून बीबी, शमीमा बीबी, सलीमा खातून, आमिर अंसारी, सकीना बीवी, सजीम मियां, शमीम अंसारी, जहारिन बीबी, सकुनत बीबी, जुनाप मिया, शाहिद अंसारी, साहिबन खातून, जमीर अंसारी, शबाना खातून, तस्लीम अंसारी, अख्तरी खातून, अनवर अंसारी, तैबून बीबी, रहमतुन खातून, तौकीर अंसारी, इम्तियाज अंसारी, इब्राहिम अंसारी, मजीम मियां, मुनेषा बीबी, अमिर अंसारी, जमीर अंसारी, सफूरन बीवी, नूरुल अंसारी, रिजवाना बीबी, इमरान अंसारी, अयूब अंसारी, अजमेरउन बीबी, नगीना बीवी, रजिया खातून, अली हुसैन मियां, सहुल्ला मियां, सनाउल अंसारी, जुलेखा बीवी, रुकायदा खातून और सुहानी खातून.
अंजुमन कमिटी की बैठक, प्रशासन को आवेदन
मामला सामने आते ही पहाड़ कापू अंजुमन कमिटी के सदर हदीस अंसारी की अध्यक्षता में शनिवार को गांव में बैठक बुलाई गई. बैठक में पंचायत की मुखिया रेणु तिग्गा भी शामिल हुई. बैठक में तय हुआ कि दोषी बूथ एजेंटों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी, और इसके लिए अनुमंडल पदाधिकारी, महुआडांड़ को आवेदन सौंपा गया है.
गोड्डा में भी यही हुआ था
गोड्डा जिले में इंडियन एक्सप्रेस की जांच में पाया गया था कि जिन बूथों पर बीजेपी एजेंटों ने फॉर्म-7 जमा किए, उनमें ज्यादातर वोटर सालों से उसी पते पर रह रहे थे. यानी फॉर्म में लिखी वजह ही झूठी थी. वहां बीएलओ ने भी थोक में आए फॉर्मों पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था, जिसके बाद जिला प्रशासन को जांच बैठानी पड़ी थी. चुनाव आयोग का नियम है कि अगर एक व्यक्ति पांच से ज्यादा आपत्तियां दर्ज कराता है, तो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उसकी समीक्षा करनी होती है, लेकिन गोड्डा से लेकर अब लातेहार तक, यही सवाल बार-बार उठ रहा है कि क्या यह नियम ज़मीन पर लागू भी हो रहा है या नहीं.
फिलहाल बीजेपी या ज़िला प्रशासन की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
