Ramgarh : पूर्व विधायक योगेंद्र साव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो 11 फरवरी का बताया जा रहा है, जब वे केडी माइंस में आंदोलन कर रहे मजदूरों के बीच पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने NTPC कंपनी के अधिकारियों और प्रबंधन के खिलाफ कड़ा बयान दिया।
वीडियो में योगेंद्र साव कहते सुनाई दे रहे हैं कि अगर रैयतों और स्थानीय लोगों को फर्जी केस में फंसाकर डराने और थाना के जरिए नोटिस भेजने का काम बंद नहीं हुआ, तो वे “सेंधरा” करेंगे। स्थानीय भाषा में “सेंधरा” का मतलब जान से मारना या हिंसक कार्रवाई करना होता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
फर्जी केस और नोटिस भेजने का आरोप
योगेंद्र साव ने आरोप लगाया कि NTPC कंपनी की ओर से रैयतों को डराने के लिए फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि थाना के माध्यम से लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिसे उन्होंने “लव लेटर” करार दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई तुरंत बंद की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि वे सीधे प्रशासन से नहीं उलझना चाहते, क्योंकि प्रशासन सरकार का एक अंग है। लेकिन कंपनी को प्रशासन के आगे कर लोगों को परेशान करना समझ से परे है।
मजदूरों के आंदोलन को समर्थन
बताया जा रहा है कि केडी माइंस क्षेत्र में जमीन और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर मजदूर और रैयत आंदोलन कर रहे हैं। योगेंद्र साव आंदोलन स्थल पर पहुंचकर मजदूरों का समर्थन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के हक और अधिकार के लिए वे हर स्तर पर आवाज उठाएंगे।
प्रशासन की नजर
वीडियो वायरल होने के बाद मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक प्रशासन या NTPC प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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