Patna : जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में सेना के जवान सीताराम राय शहीद हो गए। वे बिहार के समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड के लोदीपुर गांव के रहने वाले थे। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, पूरा इलाका “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के नारों से गूंज उठा और लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
आखिरी बार पत्नी से हुई थी वीडियो कॉल पर बात
बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह ड्यूटी पर जाने से पहले सीताराम राय ने अपनी पत्नी सुमन राय से वीडियो कॉल पर बात की थी। उन्होंने बताया था कि वे ड्यूटी के लिए जा रहे हैं। इसके कुछ ही घंटों बाद परिवार को उनके घायल होने की सूचना मिली और फिर शहीद होने की खबर ने सभी को झकझोर दिया।
परिवार को आर्मी यूनिट से मिली जानकारी
जवान के दोस्त सरबेंदु के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे पत्नी को आर्मी यूनिट से फोन आया कि उन्हें गोली लगी है। इसके बाद कुछ समय बाद ही मोबाइल पर शहीद होने की सूचना दे दी गई। इस खबर के बाद परिवार में मातम छा गया।
गांव में उमड़ा जनसैलाब
जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय विधायक रणविजय साहू भी मौके पर पहुंचे और शहीद को श्रद्धांजलि दी। पूरे गांव में गम का माहौल है, लेकिन साथ ही शहीद के प्रति गर्व भी देखा जा रहा है।
संघर्ष से भरी थी परिवार की कहानी
शहीद के पिता कोलकाता में ठेला चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उन्होंने मेहनत कर अपने बेटे को सेना में भेजा था। सीताराम राय साल 2002 में इंडियन आर्मी में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे और तब से कई ऑपरेशन में हिस्सा ले चुके थे।
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