Ranchi : रांची समेत पूरे झारखंड में ईद-उल-फितर को लेकर खुशियों का माहौल है। चांद के दीदार के बाद 21 मार्च को ईद मनाने का ऐलान किया गया है। एदारे शरिया और इमारते शरिया झारखंड की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि होते ही मुस्लिम समुदाय में उत्साह बढ़ गया।
चांद दिखते ही बाजारों में उमड़ी भीड़
जैसे ही चांद नजर आया, शहर के अलग-अलग इलाकों में ईद की तैयारियां तेज हो गईं। बाजारों में रौनक साफ दिखी। सेवई, लच्छा, कपड़े, जूते-चप्पल और इत्र की दुकानों पर लोगों की अच्छी-खासी भीड़ जुटी रही। घर-घर में भी त्योहार की तैयारी चलती रही। महिलाएं पारंपरिक पकवान बनाने में जुटीं, जिससे पूरे माहौल में ईद की खुशबू घुल गई।
मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज की पूरी तैयारी
कोयलांचल और आसपास के इलाकों की मस्जिदों में ईद की नमाज को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। बथान टांड, बूटबेड़ा, सिरका, भदवा, लईयो, परेज, भेलगढ़ा, रहमत नगर और खिजूरिया समेत कई मस्जिदों में तय समय पर नमाज अदा की जाएगी। लोग नए और साफ कपड़े पहनकर नमाज में शामिल होंगे। ईद को लेकर हर गली और मोहल्ले में खास उत्साह देखा जा रहा है।
उलेमाओं की अपील, गरीबों को भी शामिल करें खुशियों में
उलेमाओं ने लोगों से अपील की है कि ईद की खुशी सिर्फ अपने तक सीमित न रखें। गरीबों और जरूरतमंदों को भी इसमें शामिल करें। उन्होंने कहा कि यह त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारा और इंसानियत का संदेश देता है।
इस्लाम में चांद का खास महत्व
काजी-ए-शरियत मुफ्ती नजरे तौहिद ने बताया कि इस्लाम में चांद का खास महत्व है, क्योंकि पूरा इस्लामी कैलेंडर इसी पर आधारित होता है। उन्होंने लोगों से इस परंपरा को बनाए रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने फितरा की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि हर सक्षम मुसलमान को ईद की नमाज से पहले फितरा देना चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोग भी खुशी से त्योहार मना सकें।
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