Ranchi : सीसीएल में रिश्वतखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 26 मार्च को रांची की विशेष अदालत में चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसमें सीसीएल के एक अधिकारी, उनकी पत्नी, भाई और एक निजी ट्रांसपोर्टर शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद कोयला ढुलाई से जुड़े पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं।
किन-किन के खिलाफ हुई कार्रवाई
ईडी ने जिन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, उनमें सीसीएल के सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, उनकी पत्नी पूनम देवी, उनके भाई गोपाल कुमार और निजी ट्रांसपोर्टर राहुल कुमार शामिल हैं।
यह पूरा मामला आपराधिक साजिश और रिश्वतखोरी से जुड़ा बताया जा रहा है।
कोयला ढुलाई के बदले ली गई रिश्वत
जांच में सामने आया है कि संजीव कुमार सिंह ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए कोयला ढुलाई से जुड़े लोगों से पैसे वसूले। आरोप है कि उन्होंने ट्रांसपोर्टर राहुल कुमार से करीब 5 लाख रुपये की रिश्वत ली थी।
यह रकम उनके क्षेत्र में कोयला परिवहन में “सहूलियत” देने के बदले ली गई थी।
पत्नी के खाते से हुआ लेनदेन
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि रिश्वत की रकम सीधे संजीव कुमार सिंह की पत्नी पूनम देवी के बैंक खाते में जमा कराई गई।
इतना ही नहीं, उनके खाते में करीब 4.46 लाख रुपये की और भी संदिग्ध राशि मिली, जिसका कोई साफ जवाब नहीं दिया जा सका।
भाई के खाते में ट्रांसफर, फिर खर्च
जांच के दौरान पता चला कि पूनम देवी के खाते से 4 लाख रुपये संजीव के भाई गोपाल कुमार के खाते में ट्रांसफर किए गए।
गोपाल कुमार ने यह पैसा कुछ ही दिनों में खर्च कर दिया, जिसमें नकद निकासी, दोस्तों को पैसे देना और वाहन लोन की किस्त भरना शामिल है। इससे साफ होता है कि अवैध कमाई को अलग-अलग खातों के जरिए घुमाया गया।
CBI केस से शुरू हुई जांच
यह पूरा मामला पहले सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में दर्ज प्राथमिकी से शुरू हुआ था। उसी के आधार पर ईडी ने ईसीआईआर दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। अब इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
करीब 9.46 लाख रुपये जब्त
ईडी ने जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खातों से करीब 9.46 लाख रुपये की राशि अस्थायी रूप से जब्त कर ली है। इसमें संजीव कुमार सिंह और उनके भाई के खातों में जमा रकम शामिल है।
न्यायालय में मामला विचाराधीन
फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है। इस केस ने एक बार फिर कोयला ढुलाई और सीसीएल के अंदर चल रही व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सिस्टम पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे मामले से साफ है कि कैसे पद का दुरुपयोग कर अवैध कमाई की गई और फिर उसे अलग-अलग खातों के जरिए घुमाया गया। अब सबकी नजर अदालत की कार्रवाई और आगे होने वाली जांच पर टिकी है।


