Godda : SIR यानि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO) कंचन कुमारी भुदोलिया के निर्देश पर पौड़ैयाहाट प्रखंड के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जिसमें कई स्तरों पर गंभीर लापरवाही सामने आई। शनिवार को उप निर्वाचन पदाधिकारी ने पौड़ैयाहाट क्षेत्र के कई बूथों का दौरा कर मतदाता सूची के अद्यतन कार्य, निर्वाचन प्रपत्रों के संधारण, बूथ स्तरीय गतिविधियों तथा निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान बूथ संख्या-39 पर कार्यरत बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की ओर से निर्वाचन कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
सुपरवाइजर पर भी गिरी गाज
समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि संबंधित बीएलओ सुपरवाइजर अपने कार्यालय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित थे। साथ ही निर्वाचन कार्यों के प्रति उनकी गंभीर उदासीनता भी सामने आई। इसे गंभीर मामला मानते हुए उप निर्वाचन पदाधिकारी ने सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया।
बीडीओ और सीओ से भी मांगा गया जवाब
निरीक्षण में यह भी स्पष्ट हुआ कि एईआरओ सह बीडीओ, पौड़ैयाहाट तथा एडिशनल एईआरओ सह अंचलाधिकारी (सीओ), पौड़ैयाहाट निर्वाचन संबंधी कार्यों में अपेक्षित रुचि और गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इस पर उप निर्वाचन पदाधिकारी ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया है।
निर्वाचन कार्य में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
उप निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या निर्वाचन आयोग के निर्देशों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी बीएलओ, सुपरवाइजर और संबंधित अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और तत्परता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
भविष्य में होगी कड़ी कार्रवाई
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आगे भी लगातार निरीक्षण किए जाएंगे। यदि किसी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या कार्य में ढिलाई पाई जाती है तो संबंधित कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को पूरी पारदर्शिता और शुद्धता के साथ संपन्न कराना है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटने न पाए।

