Ranchi : झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस आलाकमान द्वारा नियुक्त राज्यसभा चुनाव पर्यवेक्षक और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय शर्मा रांची पहुंचे। दोनों नेताओं के आगमन को लेकर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस संगठन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है और पार्टी नेतृत्व चुनावी रणनीति को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।
एयरपोर्ट पर हुआ जोरदार स्वागत
रांची पहुंचने पर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों पर्यवेक्षकों का भव्य स्वागत किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया। स्वागत करने वालों में दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, राधा कृष्ण किशोर, बंधु तिर्की, प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे, राजीव रंजन प्रसाद, आदित्य विक्रम जायसवाल, मेहुल दुबे, अनिल सिंह, अभिलाष साहू, कुलदीप कुमार और राजेश सिन्हा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। एयरपोर्ट परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर दोनों नेताओं का स्वागत किया और राज्यसभा चुनाव में जीत का भरोसा जताया।
विधायकों और नेताओं के साथ होगी बैठक
सूत्रों के अनुसार रांची प्रवास के दौरान भूपेश बघेल और अजय शर्मा कांग्रेस विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और गठबंधन सहयोगियों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा होगी और चुनावी समीकरणों की समीक्षा की जाएगी। पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करना और पार्टी नेतृत्व को जमीनी स्थिति से अवगत कराना भी है।
महागठबंधन की एकजुटता पर कांग्रेस का भरोसा
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और गठबंधन प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित है। नेताओं का कहना है कि चुनाव के दौरान सभी सहयोगी दल मिलकर काम करेंगे और विपक्ष को कोई मौका नहीं देंगे। कांग्रेस का मानना है कि राज्यसभा चुनाव झारखंड में महागठबंधन की मजबूती और राजनीतिक एकता का भी संदेश देगा। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि कांग्रेस इस चुनाव को काफी गंभीरता से ले रही है। यही वजह है कि पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाकर झारखंड भेजा है। आने वाले दिनों में कई दौर की बैठकों के बाद चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सकता है। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि चुनाव के दौरान किसी तरह की चूक न हो और गठबंधन पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरे।
झामुमो के अगले कदम पर भी टिकी नजर
राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। अब सबकी नजर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के अगले कदम पर भी टिकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि झामुमो दूसरा उम्मीदवार मैदान में उतारता है तो चुनावी समीकरण और दिलचस्प हो सकते हैं। फिलहाल कांग्रेस और महागठबंधन के नेता अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं और चुनावी तैयारियों में जुटे हुए हैं।
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