जोहार लाइव ब्यूरो
चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए. कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में खड़गे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार मोदी सरकार की ‘कठपुतली’ बन गए हैं और उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है. उन्होंने CEC को तत्काल हटाने की मांग भी की.
खड़गे ने आरोप लगाया कि साजिश के तहत मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब पूरा देश जानता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त का उद्देश्य बीजेपी को फायदा पहुंचाना है. हालांकि, ये कांग्रेस के आरोप हैं और चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े सभी फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया बताया है.
‘सरकार ने लोकतंत्र की नींव कमजोर की’
CWC बैठक में खड़गे ने मोदी सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया है. खड़गे के मुताबिक, युवाओं को वोट देने से रोकने के लिए फॉर्म-6 से जुड़े नियमों में कथित तौर पर बदलाव किया गया और मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रधानमंत्री के दबाव में काम किया. कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उन्हें नैतिक आधार पर पद छोड़ देना चाहिए.
कांग्रेस की बैठक में SIR, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई. पार्टी ने तय किया है कि इन मुद्दों को संसद में उठाने के साथ-साथ प्रदर्शन भी किए जाएंगे. CWC बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
क्या है पूरा मामला?
23 सितंबर को इंडियन एक्सप्रेस की चुनाव आयोग के अंदर मतभेद से जुड़ी रिपोर्ट आई थी. इसके मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों पर लिखित आपत्ति जताई थी. इनमें फॉर्म 6, SIR और ECINet से जुड़े फैसले शामिल थे.
इसके बाद से विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार पर मनमानी के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. राहुल गांधी ने 24 सितंबर को ज्ञानेश पर वोट चोरी का आरोप लगाया था. CJP ने भी कहा था कि अगर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा.
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल उठाने वाली याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करने की सहमति दी है. याचिका में ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता वाले चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं.
सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचेगा मामला
SIR और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका पहुंची है. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई करने पर सहमति जताई. मामला CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के सामने आया, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं. याचिका में CEC ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग के फैसले लेने के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं.
4 अक्टूबर को मुंबई में राज-उद्धव का मार्च
उधर, महाराष्ट्र में भी चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी लामबंदी तेज हो गई है. MNS प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 4 अक्टूबर को मुंबई में संयुक्त मार्च का ऐलान किया है. यह मार्च चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों के विरोध में निकाला जाएगा.
इस बीच INDIA ब्लॉक की बुधवार सुबह 11 बजे दिल्ली में बैठक प्रस्तावित है. बैठक में SIR और चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं होंगे, जबकि उद्धव ठाकरे ऑनलाइन जुड़ेंगे.
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