Ranchi : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरन के 21 वर्षीय पोते वीर सोरेन का आकस्मिक निधन हो गया। वह अपने दोस्तों के साथ हिमाचल प्रदेश घूमने गए थे, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वीर सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि यह समाचार अत्यंत मर्माहत करने वाला है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की और शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
आदरणीय श्री चंपई सोरेन जी के पोते वीर सोरेन का कुल्लू में आकस्मिक निधन का अत्यंत मर्माहत करने वाला समाचार मिला।
मरांग बुरु दिवगंत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे। इस दुखद घड़ी में हम उनके साथ हैं।— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) February 25, 2026
सिरदर्द के बाद बिगड़ी हालत, अस्पताल में मौत
पुलिस के अनुसार, कुल्लू-मनाली स्थित सिविल अस्पताल से सूचना मिली कि एक युवक को मृत अवस्था में लाया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने वीर सोरेन के शव का निरीक्षण किया और बताया कि शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। मृतक के साथ आए उसके मित्र अग्नय वर्मा (उत्तर प्रदेश) ने बताया कि 22 फरवरी को वे सभी मनाली पहुंचे और सिमसा स्थित हिमालयन सैलेट होमस्टे में ठहरे।
घटनाक्रम: सोलंग से लौटते ही तबीयत बिगड़ी
23 फरवरी को वे सोलंग/सेथन क्षेत्र घूमने गए थे। 24 फरवरी को दोपहर लगभग 12:30 बजे वापस लौटने पर वीर सोरेन सो रहे थे। उन्हें जगाने पर सिर में तेज दर्द की शिकायत हुई। साथियों ने दवा दी और वे दोबारा सो गए। करीब 2:30 बजे कमरे से गिरने की आवाज आई। कमरे में जाकर देखा तो वह बिस्तर से नीचे गिरे हुए थे। उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल मनाली ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनके मुंह से झाग निकलने लगा। डॉक्टरों ने काफी देर तक सीपीआर दिया, लेकिन जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पोस्टमार्टम और कानूनी प्रक्रिया
शव को मनाली के शवगृह में सुरक्षित रखा गया है। परिजनों के पहुंचने के बाद विधि अनुसार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रारंभिक रूप से किसी बाहरी चोट का संकेत नहीं मिला है।
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