Ranchi : झारखंड में बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पलामू निवासी कुशवाहा अविनाश के एक ट्वीट के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। युवक ने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए आरोप लगाया कि वह बिजली विभाग के कथित भ्रष्टाचार और मनमाने रवैये से परेशान है। उसने यहां तक कहा कि हालात ऐसे हैं कि वह आत्महत्या करने को मजबूर हो सकता है।
गलत बिल और रिश्वत के आरोप
ट्वीट में युवक ने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी मीटर रीडिंग को नजरअंदाज कर मनमाने बिल जारी कर रहे हैं। साथ ही बिल सुधार के नाम पर उपभोक्ताओं से 50 प्रतिशत तक रिश्वत मांगे जाने की बात भी कही गई है। मामला सामने आते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को टैग कर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि यह स्थिति किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
तुरंत जांच और कार्रवाई के आदेश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मामले की तुरंत जांच की जाए और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने को भी कहा गया है। सीएम ने यह भी कहा कि इस तरह की शिकायतों को सिर्फ एक मामले तक सीमित न रखा जाए, बल्कि पूरे राज्य में इनका समय पर और निष्पक्ष निपटारा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों को किसी भी तरह के मानसिक उत्पीड़न या गलत व्यवहार का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है।
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