Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»झारखंड»SAIL और BHEL को केंद्र की सख्त चेतावनी, महारत्न दर्जे पर मंडराया संकट
    झारखंड

    SAIL और BHEL को केंद्र की सख्त चेतावनी, महारत्न दर्जे पर मंडराया संकट

    Muskan ChoudharyBy Muskan ChoudharyJune 6, 2026No Comments3 Mins Read1
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Bokaro : भारत सरकार की दो प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों SAIL (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) और BHEL (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) के लिए आने वाला एक साल बेहद अहम रहने वाला है। दोनों कंपनियों के पिछले तीन वर्षों के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा के बाद केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय और लोक उद्यम विभाग (डीपीई) ने चेतावनी नोटिस जारी किया है। सूत्रों के अनुसार, कंपनियों को अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए एक वर्ष का समय दिया गया है। इस दौरान उनके प्रदर्शन पर लगातार नजर रखी जाएगी। यदि तय मानकों के अनुरूप सुधार नहीं हुआ तो दोनों कंपनियों का महारत्न दर्जा वापस लिया जा सकता है और उन्हें नवरत्न श्रेणी में रखा जा सकता है।

    महारत्न का दर्जा बनाए रखने के लिए क्या हैं नियम

    सरकार के नियमों के मुताबिक किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी को महारत्न का दर्जा बनाए रखने के लिए लगातार तीन वर्षों में औसतन कम से कम 5,000 करोड़ रुपये का वार्षिक शुद्ध लाभ अर्जित करना जरूरी है। बताया जा रहा है कि SAIL इस वित्तीय मानक को पूरा करने में सफल नहीं रही है। इसी वजह से कंपनी को चेतावनी नोटिस जारी किया गया है। सरकार चाहती है कि कंपनी अपनी लाभप्रदता बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाए और तय मानकों तक पहुंचे।

    BHEL के प्रदर्शन पर भी उठे सवाल

    भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन संचालित BHEL को भी कमजोर वित्तीय प्रदर्शन के कारण नोटिस मिला है। लोक उद्यम विभाग ने कंपनी प्रबंधन को परिचालन दक्षता बढ़ाने, लागत कम करने और लाभप्रदता में सुधार के लिए ठोस रणनीति बनाने का निर्देश दिया है। सरकार का मानना है कि देश के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों को अपने वित्तीय प्रदर्शन में निरंतर मजबूती बनाए रखनी चाहिए ताकि वे बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहें।

    क्या है महारत्न का दर्जा

    महारत्न दर्जा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को दिया जाने वाला सर्वोच्च दर्जा माना जाता है। इस दर्जे के साथ कंपनियों को निवेश, विस्तार और कारोबारी फैसले लेने में अधिक स्वायत्तता मिलती है। इससे कंपनियां कई महत्वपूर्ण निर्णय सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना भी ले सकती हैं। यही वजह है कि महारत्न का दर्जा केवल प्रतिष्ठा का विषय नहीं बल्कि कारोबार और निवेश के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

    SAIL और BHEL को कब मिला था महारत्न का दर्जा

    SAIL को मई 2010 में नवरत्न से पदोन्नत कर महारत्न का दर्जा दिया गया था। वहीं BHEL को फरवरी 2013 में यह सम्मान मिला था। दोनों कंपनियां लंबे समय से देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। अब केंद्र सरकार की चेतावनी के बाद दोनों कंपनियों के सामने अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने और महारत्न का दर्जा बचाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। सूत्रों के मुताबिक नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद दोनों कंपनियों के प्रदर्शन की दोबारा समीक्षा की जाएगी। यदि वित्तीय मानकों में अपेक्षित सुधार दिखाई देता है तो उनका महारत्न दर्जा बरकरार रहेगा। लेकिन सुधार नहीं होने की स्थिति में उन्हें नवरत्न श्रेणी में लाया जा सकता है।

    Also Read : मानसून की आहट : झारखंड में अगले चार दिन गरज-चमक और तेज हवा का अलर्ट

    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleमानसून की आहट : झारखंड में अगले चार दिन गरज-चमक और तेज हवा का अलर्ट
    Next Article रांची नगर निगम के 450 पेंशनधारियों की बढ़ी परेशानी, दो महीने से नहीं मिली पेंशन

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    बच्चे किसी बहकावे में नहीं आए हैं, वे भविष्य की बागडोर संभालने वाले हैः कैलाश सत्यार्थी

    July 21, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    पूण्यतिथि विशेषः क्रांति कोई तैयार फार्मूला नहीं है, जिसे किताब से निकालकर समाज पर लागू कर दिया जाएः एके रॉय

    July 21, 2026
    क्राइम

    नक्सलवाद से साइबर क्राइम तक… पांच राज्यों के DGP ने बनाई बड़ी रणनीति, सीमाओं पर बढ़ेगा पुलिस का शिकंजा

    July 21, 2026
    क्राइम

    चतरा: एसपी आवास के सामने दिनदहाड़े फायरिंग, प्राइवेट गार्ड की गोली लगने से मौत

    July 21, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    दिल्ली के बाद झारखंड की बारी, 14वीं JPSC पर जयराम ने उठाये सवाल

    July 21, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    मतदाता सूची में नाम कटने के दावे पर चुनाव आयोग ने बताया भ्रामक, आदिवासी जनाधिकार महासभा ने दिया ऐप्प का हवाला

    July 21, 2026
    Latest Posts

    युवाओं के लिए एक रास्ता बचा था, उसे भी मोदी ने बर्बाद कर दिया: राहुल गांधी

    July 21, 2026

    बच्चे किसी बहकावे में नहीं आए हैं, वे भविष्य की बागडोर संभालने वाले हैः कैलाश सत्यार्थी

    July 21, 2026

    पूण्यतिथि विशेषः क्रांति कोई तैयार फार्मूला नहीं है, जिसे किताब से निकालकर समाज पर लागू कर दिया जाएः एके रॉय

    July 21, 2026

    नक्सलवाद से साइबर क्राइम तक… पांच राज्यों के DGP ने बनाई बड़ी रणनीति, सीमाओं पर बढ़ेगा पुलिस का शिकंजा

    July 21, 2026

    चतरा: एसपी आवास के सामने दिनदहाड़े फायरिंग, प्राइवेट गार्ड की गोली लगने से मौत

    July 21, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.