Ranchi : ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान एक आरोपी से कथित मारपीट के मामले में दर्ज दस्ता की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है। झारखंड सरकार की ओर से हाई कोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश के खिलाफ दायर अपील को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सुनवाई के दौरान जस्टिस एम.एम. सुंदरेश्वर और जस्टिस एन. कोटेश्वर सिंह की पीठ ने झारखंड सरकार की एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) को खारिज कर दिया। इस फैसले के साथ ही हाई कोर्ट का सीबीआई जांच का आदेश जारी रहेगा।
हाई कोर्ट ने क्यों दिया था CBI जांच का आदेश
झारखंड हाई कोर्ट ने 11 मार्च को दिए आदेश में मामले की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने माना था कि मामले की परिस्थितियां ऐसी हैं कि निष्पक्ष जांच जरूरी है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि पुलिस की शुरुआती कार्रवाई जल्दबाजी में की गई प्रतीत होती है और इसमें उच्च स्तर के निर्देशों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या है आरोपों की पृष्ठभूमि
यह मामला 23 करोड़ रुपये के सरकारी धन गबन से जुड़े केस की जांच से जुड़ा है, जिसकी जांच ईडी कर रही थी। आरोपित संतोष कुमार 12 जनवरी को बिना समन के ईडी कार्यालय पहुंचा था। पूछताछ के दौरान उसके और ईडी अधिकारियों के बीच विवाद की स्थिति बनी। ईडी का कहना है कि इस दौरान आरोपी ने खुद को चोट पहुंचाई, जबकि बाद में उसने अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई।
पुलिस और जांच की स्थिति
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस की टीम ईडी कार्यालय भी पहुंची थी और दस्तावेजों की जांच शुरू की थी। इसके बाद ईडी ने हाई कोर्ट का रुख करते हुए मामले की जांच CBI से कराने की मांग की थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। सरकार का कहना था कि आरोपी के साथ मारपीट हुई थी और उसी आधार पर उसने शिकायत दर्ज कराई। वहीं ईडी ने दावा किया कि यह जांच को प्रभावित करने और दबाव बनाने की कोशिश हो सकती है। अब इस पूरे मामले की जांच CBI करेगी और सभी संबंधित दस्तावेज भी एजेंसी को सौंपे जाएंगे।
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