Bokaro : बोकारो जिले के ट्रेजरी से हुए 3.15 करोड़ घोटाले मामले में एक और चौकानें वाला खुलासा हुआ है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि 25 माह में कुल 63 बार पैसों की निकासी हुई है। वहीं, 3.15 करोड़ का मामला बढ़कर 4.29 करोड़ तक पहुंच चुका है। हालांकि, अभी इस मामले में जांच जारी है। इस बात की पुष्टि करते हुए बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच चल रही है। इस प्रकरण में जिन-जिन लोगों की संलिप्ता होगी, सभी जेल के सलाखों के पीछे होंगे।
कैसे हुआ खेल
जांच में पता चला है कि यह पूरा खेल वेतन मद के नाम पर किया गया। पुलिस उप निरीक्षक उपेन्द्र सिंह के नाम से मई 2024 से मार्च 2026 के बीच लगातार पैसे निकाले गए। लेकिन असली गड़बड़ी यहां हुई कि ये पैसे सरकारी नियमों के मुताबिक खर्च नहीं हुए। निकाली गई रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया गया, जो साफ तौर पर नियमों के खिलाफ है।
पत्नी के खाते में पहुंची रकम
इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि निकाली गई रकम पुलिस विभाग के अकाउंटेंट कौशल कुमार पांडेय ने अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर कराई। जैसे ही यह बात सामने आई, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कौशल कुमार पांडेय को गिरफ्तार कर लिया। अब उससे पूछताछ की जा रही है कि इस पूरे खेल में और कौन-कौन शामिल है।
डीसी के निर्देश पर तेज हुई जांच
मामला सामने आते ही उपायुक्त अजय नाथ झा ने इसे गंभीरता से लिया और अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी को जांच की जिम्मेदारी दी। उन्हें साफ निर्देश दिया गया कि हर पहलू की जांच कर 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट सौंपें। शुरुआती जांच में ही कई गड़बड़ियां सामने आने के बाद प्रशासन और सख्त हो गया।
खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई
जांच में अनियमितता सामने आने के बाद उपायुक्त ने संबंधित खातों को फ्रीज करने का निर्देश दिया है। साथ ही विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है, ताकि आगे इस तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो। बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने साफ कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी होगा, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और सभी को जेल भेजा जाएगा।
और भी लोग आ सकते हैं जांच के दायरे में
प्रशासन का मानना है कि इतना बड़ा घोटाला किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं है। इसलिए अब इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। जांच टीम बैंक खातों, ट्रांजेक्शन और दस्तावेजों को खंगाल रही है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होगी। किसी भी दोषी को बचने का मौका नहीं दिया जाएगा।
Also Read : बोकारो ट्रेजरी से 3.15 करोड़ की संदिग्ध निकासी, अकाउंटेंट गिरफ्तार, मामला दर्ज


