Chaibasa : चाईबासा में पानी संकट को लेकर भाजपा के प्रदर्शन पर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। झामुमो ने भाजपा के आंदोलन को राजनीतिक नौटंकी करार देते हुए कहा है कि जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय भाजपा केवल दिखावटी राजनीति कर रही है। झामुमो के जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने शुक्रवार को प्रेस बयान जारी कर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता की मूलभूत समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है और केवल राजनीतिक लाभ के लिए विरोध प्रदर्शन कर रही है।
महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान भटकाने का आरोप
बुधराम लागुरी ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार देश में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उनका कहना है कि पेयजल संकट कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि यह भाजपा के शासनकाल से चली आ रही है। उस समय इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है और जमीनी स्तर पर कई योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
गांव-गांव तक पानी पहुंचाने का दावा
झामुमो की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल सुविधा मजबूत करने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। कई इलाकों में पाइपलाइन विस्तार का कार्य जारी है। जलमीनारों का निर्माण कराया जा रहा है और खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत भी कराई जा रही है। पार्टी का कहना है कि इन प्रयासों के बावजूद भाजपा जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है और वास्तविक स्थिति को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
केंद्र सरकार पर फंड रोकने का आरोप
बुधराम लागुरी ने केंद्र सरकार पर झारखंड के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त आर्थिक सहयोग नहीं मिल रहा है। जल जीवन मिशन, ग्रामीण विकास और सड़क निर्माण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए समय पर राशि जारी नहीं होने से कई परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र में भाजपा की सरकार है तो झारखंड को पेयजल योजनाओं के लिए अतिरिक्त सहायता क्यों नहीं दी जा रही है।
भाजपा पर दोहरी राजनीति का आरोप
झामुमो प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा एक तरफ राज्य सरकार पर वित्तीय संकट का आरोप लगाती है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार फंड रोककर राज्य की आर्थिक स्थिति को कमजोर करने का काम कर रही है। इसका सीधा असर गरीबों, किसानों, मजदूरों और ग्रामीण इलाकों के लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी।
पानी संकट पर बढ़ी सियासी गर्मी
चाईबासा में पानी संकट को लेकर शुरू हुआ यह मुद्दा अब राजनीतिक रंग ले चुका है। एक ओर भाजपा राज्य सरकार को पानी और बिजली संकट के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है, तो दूसरी ओर झामुमो केंद्र सरकार और भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है। ऐसे में आम जनता की नजर अब इस बात पर है कि समस्या का समाधान कब और कैसे होगा।
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