Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»झारखंड»रांची यूनिवर्सिटी की डिग्री में अजब कारनामा, छात्र का नाम ही कर दिया ट्रांसलेट
    झारखंड

    रांची यूनिवर्सिटी की डिग्री में अजब कारनामा, छात्र का नाम ही कर दिया ट्रांसलेट

    Muskan ChoudharyBy Muskan ChoudharyJune 18, 2026Updated:June 18, 2026No Comments5 Mins Read2
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Ranchi : रांची विश्वविद्यालय एक बार फिर अपनी परीक्षा व्यवस्था और निजी एजेंसी की कार्यशैली को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला बैचलर ऑफ एजुकेशन (बी.एड) की डिग्री से जुड़ा है, जहां एक छात्र का नाम हिंदी और अंग्रेजी में अलग-अलग तरीकों से छापा गया है। डिग्री में छात्र का नाम हिंदी में ‘गुलाब एक्का’ लिखा गया है, लेकिन नीचे अंग्रेजी में उसका नाम ‘रोज एक्का’ प्रिंट कर दिया गया। यानी नाम का सीधा अंग्रेजी अनुवाद कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की गतिविधियां और परीक्षा संबंधी काम संभाल रही निजी एजेंसी पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

    एनसीसीएफ की कार्यशैली पर फिर सवाल

    विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग से जुड़े कामों का जिम्मा फिलहाल एनसीसीएफ (नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) के पास है। अंकपत्र, एडमिट कार्ड, रिजल्ट और डिग्री जारी करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य यही एजेंसी संभालती है। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं। छात्र संगठनों और विद्यार्थियों का आरोप है कि एजेंसी लगातार ऐसी गलतियां करती रही है, जिससे छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इस साल फरवरी में भी एडमिट कार्ड में नाम गलत छापने का मामला सामने आया था। उस समय सिल्ली और रांची वीमेंस कॉलेज के 130 से अधिक छात्र-छात्राओं के एडमिट कार्ड में त्रुटियां पाई गई थीं।

    सिल्ली कॉलेज के 81 छात्रों का नाम गलत

    सिल्ली कॉलेज के कुल 81 छात्र-छात्राओं के एडमिट कार्ड में नाम गलत प्रकाशित कर दिए गए थे। परीक्षा से ठीक पहले हुई इस गलती के कारण छात्रों को काफी भागदौड़ करनी पड़ी थी। रांची वीमेंस कॉलेज के यूजी सत्र 2022-26 की गणित और टीआरएल विषय की 40 से अधिक छात्राओं के एडमिट कार्ड में भी नाम गलत प्रिंट हो गए थे। इससे परीक्षा को लेकर छात्राओं की चिंता बढ़ गई थी।

    छात्रों का आरोप- कभी फेल, कभी शून्य अंक

    छात्रों और छात्र संगठनों का कहना है कि एजेंसी की लापरवाही केवल नाम की गलतियों तक सीमित नहीं है। कई बार छात्रों को गलत तरीके से फेल दिखा दिया जाता है, तो कभी किसी विषय में शून्य अंक दर्ज कर दिए जाते हैं। ऐसी गड़बड़ियों के बाद छात्रों को विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। रिजल्ट और दस्तावेजों में सुधार कराने में कई सप्ताह और कभी-कभी महीनों का समय लग जाता है।

    एनसीसीएफ को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

    बार-बार हो रही गलतियों को देखते हुए कई छात्र संगठन और सामाजिक संगठन एनसीसीएफ को ब्लैकलिस्ट करने की मांग उठा चुके हैं। अबुआ अधिकार मंच के यूथ एवं स्टूडेंट वेलफेयर इंचार्ज अभिषेक शुक्ला का कहना है कि एजेंसी की लापरवाह कार्यशैली का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ रहा है। छात्रों को छोटी-छोटी गलतियां ठीक कराने के लिए विश्वविद्यालय कार्यालय के लगातार चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और मानसिक ऊर्जा दोनों की बर्बादी होती है।

    2022 में निजी एजेंसी को सौंपा गया था काम

    रांची विश्वविद्यालय ने दिसंबर 2022 में परीक्षा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य एनसीसीएफ को सौंप दिए थे। इससे पहले यह पूरा काम विश्वविद्यालय के अपने परीक्षा विभाग के अधीन संचालित होता था। जानकारों के अनुसार, उस समय परीक्षा विभाग की सालाना आय लगभग चार करोड़ रुपये थी और खर्च दो करोड़ रुपये के भीतर रहता था। लेकिन निजी एजेंसी को काम मिलने के बाद परीक्षा शुल्क में भी बढ़ोतरी हुई और विश्वविद्यालय एजेंसी को हर साल करीब 15 करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा है।

    छात्रों के डेटा की सुरक्षा पर भी सवाल

    इस व्यवस्था को लेकर एक बड़ा सवाल छात्रों के डेटा की सुरक्षा को लेकर भी उठ रहा है। पहले विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड विश्वविद्यालय के नियंत्रण में रहता था, लेकिन अब यह डेटा निजी एजेंसी के पास उपलब्ध है। शिक्षा जगत से जुड़े लोग मानते हैं कि विश्वविद्यालय के छात्रों का डेटा सुरक्षित रखना संस्थान की जिम्मेदारी है। ऐसे में निजी एजेंसी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपना कई सवाल खड़े करता है।

    बेकार पड़ा है विश्वविद्यालय का डेटा प्रोसेसिंग सेल

    मोरहाबादी स्थित रांची विश्वविद्यालय का एग्जामिनेशन डेटा प्रोसेसिंग सेल कभी परीक्षा विभाग का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र हुआ करता था। यहीं से रिजल्ट तैयार होते थे, मार्कशीट, माइग्रेशन, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और डिग्रियां छापी जाती थीं। विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों का दावा है कि जब तक यह सेल सक्रिय था, तब तक समय पर रिजल्ट प्रकाशित होते थे और छात्रों को ज्यादा परेशानी नहीं होती थी। यहां करीब एक दर्जन कर्मचारी कार्यरत थे और पूरे सिस्टम को चलाने का वार्षिक खर्च एक करोड़ रुपये से भी कम था। लेकिन निजी एजेंसी को काम सौंपे जाने के बाद यह व्यवस्था लगभग निष्क्रिय हो गई। फिलहाल एनसीसीएफ विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल से अपने पूरे परीक्षा संचालन का काम कर रही है।

    एक गलती नहीं, व्यवस्था पर सवाल

    ‘गुलाब एक्का’ को ‘Rose Ekka’ लिखने का मामला भले एक डिग्री से जुड़ा हो, लेकिन इसने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का कहना है कि अगर डिग्री जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज में नाम तक सही नहीं छप रहा है, तो पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

    Also Read : राज्यसभा सीट के लिए मतदान शुरू, विधायकों की एकजुटता बनी चर्चा का विषय

    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleराज्यसभा सीट के लिए मतदान शुरू, विधायकों की एकजुटता बनी चर्चा का विषय
    Next Article झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 : प्रदीप प्रसाद और सीपी सिंह ने डाला वोट

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    जोहार शक्ति शृंखला भाग-2: लोग क्या कहेंगे को दिखाया ठेंगा और जिल्लत भरी शादी को छोड़ बैंड-बाजे के साथ आई मायके, देश भर में हुई चर्चा

    October 12, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें विधि, मंत्र और भोग

    October 12, 2026
    आदिवासी

    झारखंड : दुमका में आदिवासी छात्रा की मौत पर बवाल, बाबूलाल मरांडी ने एसपी पर कार्रवाई की मांग की

    October 11, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंडः जमशेदपुर के इस एटीएम से पैसा नहीं, राशन मिलेगा, दुर्गा पूजा के बाद होनी है शुरूआत

    October 11, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड : IIIT रांची में छात्र की मौत पर NHRC सख्त, इलाज में देरी और प्रशासनिक लापरवाही की होगी जांच

    October 11, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    अभिजीत दिपके समेत तीन नेताओं को इन शर्तों मिली है रिहाई

    October 11, 2026
    Latest Posts

    बीजेपी को वोट देनेवालों के घर तोड़े जा रहे हैं, ये जुल्म की इंतहा हैः शिवराज सिंह चौहान

    October 12, 2026

    जोहार शक्ति शृंखला भाग-2: लोग क्या कहेंगे को दिखाया ठेंगा और जिल्लत भरी शादी को छोड़ बैंड-बाजे के साथ आई मायके, देश भर में हुई चर्चा

    October 12, 2026

    नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें विधि, मंत्र और भोग

    October 12, 2026

    नई दिल्ली : प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में सीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, नरेंद्र मोदी को बताया ‘कायर प्रधानमंत्री’

    October 11, 2026

    झारखंड : चतरा में अफीम तस्करी का खुलासा, 2.5 किलो अफीम और 4 लाख रुपये के साथ चार गिरफ्तार

    October 11, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.