Ranchi : भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में पेसा (पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्र) अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पेसा कानून की मूल भावना से छेड़छाड़ कर इसे लागू किया है, जिससे आदिवासी समाज के साथ छल हुआ है।
बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि पेसा कानून को जिस तरीके से लागू किया गया है, उससे यह स्पष्ट होता है कि इसका उद्देश्य खनन माफियाओं और धर्मांतरण गिरोहों को लाभ पहुंचाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकार देने के नाम पर आदिवासियों की भावनाओं के साथ हेरा-फेरी की गई है।
चोर चोरी से जाए, हेरा-फेरी से न जाए… झारखंड में पेसा अधिनियम के संदर्भ में यह कहावत पूरी तरह सटीक बैठती है। हेमंत सोरेन सरकार ने पेसा की मूल भावना से छेड़छाड़ कर इसे लागू करने का जो तरीका अपनाया है, उससे स्पष्ट होता है कि यह सब खनन माफिया मित्रों और धर्मांतरण गिरोहों को लाभ…
— Babulal Marandi (@yourBabulal) January 4, 2026
उन्होंने झामुमो, कांग्रेस और राजद पर आदिवासी हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि झामुमो ने पहले कांग्रेस के साथ मिलकर झारखंड आंदोलन की मूल आत्मा से समझौता किया और अब पेसा कानून में अव्यावहारिक प्रावधान जोड़कर आदिवासी समाज को ठेस पहुंचाई है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि शिबु सोरेन से लेकर हेमंत सोरेन तक सत्ता और राजनीतिक स्वार्थ के लिए आदिवासी हितों की बलि दी गई है।
पेसा कानून के प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि डीसी के नेतृत्व में टीम बनाकर ग्राम सभाओं की स्वायत्तता और अधिकारों में दखल देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब पूरा जिला अधिसूचित क्षेत्र में आता है, तो ग्राम सभा के अधिकार केवल 5 हेक्टेयर या उससे कम क्षेत्र वाले ग्रेड-1 बालू घाटों तक ही क्यों सीमित किए गए हैं। वहीं, ग्रेड-2 बालू घाटों के संचालन में ग्राम सभा को केवल अनुमति देने तक सीमित रखना भी समझ से परे है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वर्तमान स्वरूप में लाया गया पेसा कानून 1996 के मूल पेसा अधिनियम की भावना के विपरीत है और इसे सरकार ने अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए तैयार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी आदिवासी समाज के साथ किए गए इस अन्याय को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।
Also Read : फर्जी सिम के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा, दो सगे भाई गिरफ्तार


