Ranchi : झारखंड के पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार हर साल करोड़ों रुपये अधिकारियों, विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री के बंगले व जिम के रखरखाव पर खर्च कर रही है, लेकिन राज्य के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति पर ध्यान नहीं दे रही।
जर्जर स्कूल भवनों में संचालित कक्षाएं
मरांडी ने दुमका जिले के उदाहरण देते हुए कहा कि वहां दो दर्जन से अधिक सरकारी स्कूल भवन जर्जर घोषित किए जा चुके हैं, फिर भी उन भवनों में कक्षाएं चल रही हैं। उनके अनुसार, इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है और बच्चों की सुरक्षा खतरे में है।
हर साल करोड़ों रुपये अधिकारी, विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री के बंगलों के रखरखाव पर खर्च करने वाली हेमंत सरकार को क्या राज्य के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति दिखाई नहीं देती?
DMFT फंड से अपने आवासों को संवारने और जिम बनाने में व्यस्त अधिकारियों को क्या बच्चों की सुरक्षा की चिंता… pic.twitter.com/1whIkFVnr3
— Babulal Marandi (@yourBabulal) February 13, 2026
सरकारी खर्च और प्राथमिकताएं
पूर्व सीएम ने लिखा कि DMFT फंड का उपयोग अपने आवास और जिम बनाने में व्यस्त अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है, जबकि बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं दिए जा रहे। उन्होंने सरकार से कहा कि यदि शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट नहीं है, तो गैरजरूरी विज्ञापन, बैनर और होर्डिंग्स जैसी फिजूलखर्ची पर तुरंत रोक लगाई जाए।
मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
मरांडी ने जोर देकर कहा कि जर्जर स्कूल भवनों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए और तब तक बच्चों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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