Jamshedpur : जमशेदपुर के रहने वाले अंश त्रिपाठी ने ऐसा काम कर दिखाया है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री तनाव के बीच जान जोखिम में डालकर हजारों मीट्रिक टन एलपीजी गैस भारत तक पहुंचाने वाले अंश को गुजरात के वडीनार पोर्ट पर सम्मानित किया गया। यह मिशन सिर्फ एक डिलीवरी नहीं था, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा बड़ा ऑपरेशन था।
‘नंदा देवी’ और ‘शिवालिक’ की सुरक्षित एंट्री
शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के गैस टैंकर ‘नंदा देवी’ 45,000 लीटर टन एलपीजी लेकर वडीनार पहुंचा। इससे पहले ‘शिवालिक’ भी 46,000 टन गैस लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंच चुका है। इन दोनों जहाजों की सुरक्षित वापसी से देश के गैस स्टॉक में बड़ा पहुंचा हुआ है और सप्लाई अब सामान्य होने की राह पर है।
खतरनाक रास्ता पार कर लाई गई गैस
इन जहाजों ने दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग Strait of Hormuz को पार किया। इस रूट पर हमेशा खतरा बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद टीम ने हिम्मत नहीं हारी। जहाज के सेकंड इंजीनियर के तौर पर अंश त्रिपाठी ने तकनीकी जिम्मेदारी संभाली और जहाज को सुरक्षित भारत तक लाने में अहम भूमिका निभाई।
मिला खास सम्मान
मुंद्रा पोर्ट पर आयोजित समारोह में एमएमडी कांडला और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की टीम ने ‘शिवालिक’ के क्रू मेंबर्स को सम्मानित किया। अंश त्रिपाठी को उनकी तकनीकी कुशलता और मुश्किल हालात में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए खास तौर पर सराहा गया।
अब तेजी से पहुंचेगी गैस
ऊर्जा मंत्रालय ने सप्लाई को और तेज करने के लिए नई रणनीति अपनाई है। अब मुंद्रा और वडीनार जैसे बड़े पोर्ट से छोटे जहाजों के जरिए देश के अलग-अलग शहरों और डिपो तक गैस भेजी जाएगी। इस ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल से कम समय में ज्यादा जगहों तक एलपीजी पहुंच सकेगी।
जमशेदपुर का बढ़ा मान
अंश त्रिपाठी की इस उपलब्धि ने जमशेदपुर का नाम एक बार फिर रोशन किया है। मुश्किल हालात में भी शांत दिमाग और तकनीकी समझ से उन्होंने साबित कर दिया कि यहां की प्रतिभा किसी से कम नहीं।
तेल की सप्लाई भी रास्ते में
गैस के बाद अब कच्चे तेल की सप्लाई भी बढ़ रही है। संयुक्त अरब अमीरात से ‘जग लाडकी’ नाम का जहाज करीब 81,000 टन कच्चा तेल लेकर मुंद्रा पोर्ट की ओर बढ़ रहा है, जो अगले 24 से 48 घंटों में पहुंच सकता है।
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