Patna : अशोक लेलैंड बिहार में वाहन निर्माण फैक्ट्री स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया समेत लगभग एक दर्जन जिलों में स्थल चयन का सर्वे किया जा रहा है। फैक्ट्री में बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों का उत्पादन किया जाएगा।
कंपनी का उद्देश्य पूर्वी भारत में अपने बाजार को मजबूत करना है। बिहार से झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक वाहनों की आपूर्ति आसान होगी। साथ ही नेपाल और भूटान को भी वाहनों की सप्लाई करने की योजना है। अभी यह सभी वाहन महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से मंगाए जाते हैं।
बिहार में फैक्ट्री शुरू होने से परिवहन लागत में बड़ी कमी आएगी। स्थानीय स्तर पर सर्विस सेंटर खुलेंगे, जिससे वाहन मरम्मत और रखरखाव की सुविधा यहीं मिल सकेगी। फिलहाल बिहार के ग्राहकों को नोएडा और फरीदाबाद से वाहन खरीदने पड़ते हैं, जिससे लाखों रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है।
राज्य सरकार और कंपनी के बीच इस परियोजना को लेकर समझौता किया जा रहा है। उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के अनुसार, इस फैक्ट्री से बिहार के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
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