Ranchi : राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आज यानी शुक्रवार को राज्य के 28 किसान उत्पादक संगठन (FPO) को करीब 3 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता राशि हस्तांतरित की। यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए FPO के विकास और किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से दी गई है। इस अवसर पर बिरसा कृषि विश्वविद्यालय सभागार में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
किसानों के लिए बदलाव की दिशा
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि यह राशि किसानों के जीवन में बदलाव की एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। उन्होंने FPO को अपनी जिम्मेदारी निभाने और राज्य के किसानों के लिए लीडर बनकर काम करने पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि FPO को किसानों को नई तकनीक, सही फसल चयन और आधुनिक खेती के तरीकों से जोड़ा जाना चाहिए। इसके जरिए किसान अपनी आय को दोगुना कर सकेंगे और सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकेंगे।
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय सभागार में आज कृषि , पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ( कृषि प्रभाग ) के द्वारा किसान उत्पादक संगठन ( FPO) को वित्तीय वर्ष 2025 – 26 के सहायता अनुदान राशि हस्तांतरण का शुभारंभ सह कार्यशाला में शामिल हुई . राज्य भर के 28 FPO के बीच करीब 3 करोड़ रुपए की राशि DBT… pic.twitter.com/QfzJHYce8c
— Shilpi Neha Tirkey (@ShilpiNehaTirki) February 27, 2026
वेबसाइट और योजनाओं की जानकारी
मंत्री ने कृषि निदेशक को निर्देश दिया कि सहायता राशि प्राप्त करने वाले FPO के लिए एक वेबसाइट पर योजनाओं की पूरी सूची उपलब्ध कराई जाए, जिससे किसान आसानी से योजनाओं से जुड़ सकें। साथ ही, किसानों की सफलता की कहानियों को भी साझा किया जाना चाहिए, ताकि अनुभव का आदान-प्रदान हो और अन्य किसान प्रेरित हों।
सफलता की मिसाल : विमला देवी
कार्यशाला में मंत्री ने इटकी प्रखंड की ठाकुरगांव निवासी विमला देवी को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विमला देवी ने राष्ट्रीय स्तर पर दुग्ध उत्पादन में नाम कमाया है। एक छोटी शुरुआत से 80 हजार लीटर दुग्ध कलेक्शन तक पहुंचने का उनका सफर प्रेरणादायक है। मंत्री ने कहा कि झारखंड में 50 प्रतिशत रोजगार कृषि क्षेत्र से जुड़ा है, जो इस क्षेत्र की महत्व और व्यवसायिक संभावनाओं को दर्शाता है।
अन्य उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के वीसी डॉ. एससी दुबे, कृषि निदेशक भोर सिंह यादव, नाबार्ड के जीएम आरएस भागवानी, SLBC के DGM संतोष कुमार सिन्हा सहित अन्य मुख्य पदाधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद थे।
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