झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मन्नान मल्लिक का मंगलवार को रांची के पल्स अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई. राज्य के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इसे झारखंड की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया.
मन्नान मल्लिक लंबे समय तक धनबाद जिला कांग्रेस के अध्यक्ष रहे और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने में उनकी अहम भूमिका रही. वर्ष 2009 में वे धनबाद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए. इसके बाद उन्हें झारखंड सरकार में पशुपालन, मत्स्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई.
करीब 1945 में जन्मे मन्नान मल्लिक ने बी.एससी. और कानून (बी.एल.) की पढ़ाई की थी. वे अपनी सादगी, सहज स्वभाव और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए जाने जाते थे. मंत्री और विधायक के रूप में उन्होंने जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और लंबे समय तक धनबाद की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई.
हेमंत सोरेने ने जताया शोक
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी मन्नान मल्लिक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा, “झारखंड सरकार में पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता मन्नान मलिक जी के निधन का दुःखद समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. मन्नान मलिक जी ने लंबे समय तक जनसेवा और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहकर झारखंड, विशेषकर धनबाद की जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाया. उनके निधन से राज्य ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि और सामाजिक सरोकारों से जुड़े नेता को खो दिया है. मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों, समर्थकों और शुभचिंतकों को इस कठिन घड़ी में संबल प्रदान करें.”
मन्नान मल्लिक के निधन से झारखंड की राजनीति ने एक अनुभवी और जनप्रिय नेता को खो दिया है. उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा.
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