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    Home»जोहार ब्रेकिंग»माओवादी नेटवर्क पर NIA का शिकंजा, मगध ज़ोन को फिर सक्रिय करने की साजिश बेनकाब
    जोहार ब्रेकिंग

    माओवादी नेटवर्क पर NIA का शिकंजा, मगध ज़ोन को फिर सक्रिय करने की साजिश बेनकाब

    Muskan ChoudharyBy Muskan ChoudharyJuly 14, 2026No Comments3 Mins Read
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    NIA
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    एक तरफ पुलिस और सुरक्षा बल जंगलों में माओवाद को खत्म करने की लड़ाई लड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ कुछ लोग चुपचाप उसके लिए पैसे, लोग और नेटवर्क जुटाने में लगे हैं. NIA की ताजा जांच ने ऐसी ही एक साजिश का पर्दाफाश किया है. एजेंसी का दावा है कि CPI (माओवादी) के मगध ज़ोन को फिर से खड़ा करने, पुराने कैडरों को सक्रिय करने और ठेकेदारों से जबरन वसूली कर हथियार खरीदने की योजना बनाई जा रही थी. इसी मामले में NIA ने छठे आरोपी चंदन कुमार के खिलाफ रांची की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है.

    रांची की स्पेशल कोर्ट में दाखिल हुई तीसरी चार्जशीट

    नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने रांची स्थित अपनी विशेष अदालत में मामले RC-05/2021/NIA/RNC में तीसरी चार्जशीट दाखिल की है. इस चार्जशीट में चंदन कुमार को मुख्य आरोपियों में शामिल किया गया है. यह मामला NIA ने दिसंबर 2021 में स्वत: संज्ञान (Suo Moto) लेते हुए दर्ज किया था.

    NIA के मुताबिक, चंदन कुमार को जनवरी 2026 में मुंबई से गिरफ्तार किया गया था. जांच में सामने आया कि वह प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) के लिए फंड जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था. एजेंसी का कहना है कि वह संगठन की गतिविधियों को दोबारा मजबूत करने की योजना का अहम हिस्सा था.

    पुराने कैडरों को फिर संगठन में लाने की कोशिश

    जांच में खुलासा हुआ है कि चंदन कुमार पुराने माओवादी कैडरों को दोबारा संगठन से जोड़ने की कोशिश कर रहा था. उसका मकसद मगध ज़ोन में CPI (माओवादी) की कमजोर पड़ चुकी पकड़ को फिर मजबूत करना था. NIA के अनुसार, हिंसा के जरिए संगठन की विचारधारा फैलाने और नेटवर्क को दोबारा खड़ा करने की रणनीति पर काम किया जा रहा था.

    NIA की जांच में यह भी सामने आया है कि संगठन के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से ठेकेदारों से जबरन वसूली की जा रही थी. वसूले गए पैसों का इस्तेमाल हथियार, गोला-बारूद और अन्य संसाधन जुटाने के लिए किया जाना था. जांच एजेंसी का कहना है कि इस रकम को अलग-अलग माध्यमों से संगठन तक पहुंचाया जाता था, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचा जा सके.

    साजिश में कई बड़े नाम आए सामने

    एजेंसी के अनुसार, इस साजिश में CPI (माओवादी) का स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) सदस्य प्रद्युमन शर्मा, आरोपी अभिनव, चंदन कुमार और एफआईआर में नामजद अन्य लोग भी शामिल थे. सभी पर संगठन को आर्थिक और रणनीतिक मदद पहुंचाने का आरोप है.

    NIA ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है. एजेंसी पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि माओवादी संगठन को आर्थिक मदद, हथियार और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. जांच के आधार पर आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां तथा नई चार्जशीट दाखिल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है.

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