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    आदिवासी

    जानिए, इंग्लैंड को धूल चटाने वाली आदिवासी खिलाड़ी कौन है?

    Joharlive NetworkBy Joharlive NetworkJuly 14, 2026Updated:July 14, 2026No Comments4 Mins Read
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    kranti Goud
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    लॉर्ड के मैदान में 10 से 13 जुलाई 2026 तक इंग्लैंड और भारत के बीच खेले गए महिला टेस्ट मैच में भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने अपनी घातक गेंदबाजी से इंग्लिश बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी. उन्होंने पूरे मैच में 91 रन देकर 7 विकेट झटकते हुए भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में 2 विकेट लेकर उन्होंने अपनी गेंदबाजी का ऐसा दम दिखाया कि क्रिकेट जगत उनकी तारीफ करने लगा. इस शानदार प्रदर्शन के बाद हर तरफ एक ही सवाल गूंज रहा है—आखिर कौन हैं क्रांति गौड़? आइए जानते हैं गोंड आदिवासी समाज की उस बेटी की कहानी, जिसने अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर भारतीय क्रिकेट में नई पहचान बनाई.

    छोटे से गांव से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर

    क्रांति गौड़ का जन्म 11 अगस्त 2003 को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के घुवारा गांव में हुआ. साधारण आर्थिक स्थिति वाले परिवार में पली-बढ़ीं क्रांति को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था. गांव में न बेहतर मैदान था और न ही आधुनिक प्रशिक्षण की सुविधाएं, लेकिन उन्होंने कभी अपने सपनों को छोटा नहीं होने दिया.

    शुरुआती दिनों में स्थानीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं में वे खिलाड़ियों के लिए गेंद उठाने का काम करती थीं. इसी दौरान क्रिकेट के प्रति उनका लगाव बढ़ा और उन्होंने तेज गेंदबाजी को अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया. परिवार और गांव के लोगों ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और हर कदम पर उनका साथ दिया.

    लगातार मेहनत के दम पर क्रांति ने मध्य प्रदेश की महिला क्रिकेट टीम में जगह बनाई. उन्होंने वर्ष 2024-25 सीनियर महिला वनडे ट्रॉफी में उन्होंने 18 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया. फाइनल में बंगाल के खिलाफ 25 रन देकर 4 विकेट लेकर उन्होंने मध्य प्रदेश को पहली बार राष्ट्रीय चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई.

    WPL से भारतीय टीम तक का शानदार सफर

    घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में यूपी वॉरियर्स ने अपनी टीम में शामिल किया. दुनिया की दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलने से उनका खेल और निखरता गया. तेज रफ्तार, शानदार स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ ने उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे उभरती हुई तेज गेंदबाजों में शामिल कर दिया.

    शानदार प्रदर्शन का इनाम उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चयन के रूप में मिला. वर्ष 2025 में उन्होंने भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला में 52 रन देकर 6 विकेट लेकर उन्होंने सभी को प्रभावित किया. इसके साथ ही वे वनडे क्रिकेट में पांच या उससे अधिक विकेट लेने वाली भारत की सबसे युवा महिला गेंदबाज बन गईं.

    इंग्लैंड में मचाया तहलका

    इंग्लैंड के खिलाफ 10 से 13 जुलाई 2026 तक खेले गए महिला टेस्ट मैच में क्रांति गौड़ ने पूरे मैच में 91 रन देकर 7 विकेट लिए. पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में 2 विकेट लेकर उन्होंने इंग्लैंड की बल्लेबाजी को पूरी तरह बिखेर दिया. विदेशी धरती पर यह प्रदर्शन भारतीय महिला क्रिकेट के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शनों में गिना जा रहा है.

    क्रांति गौड़ की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे गोंड आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय है. उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाली पहली गोंड आदिवासी क्रिकेटर के रूप में देखा जाता है. उनकी उपलब्धि ने यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संपन्न परिवार की मोहताज नहीं होती.

    बाकी आदिवासी खिलाड़ी जो चर्चा में हैं –

    क्रांति गौड़ के शानदार प्रदर्शन के बाद आदिवासी समुदाय से आने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों की चर्चा भी तेज हो गई है. भारतीय महिला टीम की ऑलराउंडर मिन्नू मणि, जो केरल के कुरिचिया आदिवासी समुदाय से हैं, पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं. वहीं झारखंड के रॉबिन मिंज, जो उरांव (मिंज) आदिवासी समुदाय से आते हैं, आईपीएल नीलामी में चुने जाने वाले पहले आदिवासी क्रिकेटर बनकर सुर्खियों में आए थे. हालांकि रॉबिन अभी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल पाए हैं, लेकिन उन्हें भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारों में गिना जाता है. इसके अलावा सिक्किम के जनजातीय समुदाय से आने वाले कर्मा भूटिया, मंडुप भूटिया और रिनजिंग भूटिया भी घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके हैं और पूर्वोत्तर भारत के आदिवासी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा माने जाते हैं.

    Cricket Kranti Goud Minnu mani Robin Minz क्रांति गौड़ क्रिकेट गोंड
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