झारखंड की राजनीति में आदिवासी समाज को साधने के लिए कांग्रेस ने एक बड़ा दांव खेला है. पार्टी ने राज उरांव को ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस का झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. कांग्रेस को उम्मीद है कि इस फैसले से आदिवासी इलाकों में संगठन को नई ताकत मिलेगी और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत होगी.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी के बाद AICC के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शनिवार को इन नियुक्तियों की घोषणा की. आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. राज उरांव के अलावा उत्तर प्रदेश में उमेश चंद्र, मिजोरम में संग्रिमा चोंगथू, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में समीर अनुप मिंज तथा दादरा और नगर हवेली में सुरेश रमणभाई राडिया को भी प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है.
झारखंड में क्यों अहम है यह नियुक्ति
झारखंड में करीब एक चौथाई आबादी आदिवासी है. संथाल परगना, कोल्हान, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, रांची और कई अन्य इलाकों में आदिवासी मतदाता चुनावी नतीजों पर बड़ा असर डालते हैं. ऐसे में कांग्रेस संगठन के जरिए आदिवासी समाज के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाना चाहती है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला आने वाले चुनावों को देखते हुए भी अहम माना जा रहा है.
जल, जंगल और जमीन के मुद्दों पर रहेगा फोकस
ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस पार्टी का वह मंच है जो आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को उठाता है. इसमें जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा, वन अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक न्याय, आरक्षण और संविधान में मिले अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे मुद्दे शामिल हैं. कांग्रेस का कहना है कि राज उरांव के नेतृत्व में राज्य में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाएगा, गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाए जाएंगे और आदिवासी समुदाय तक पार्टी की पहुंच बढ़ाई जाएगी. साथ ही यह सुनिश्चित करने की कोशिश होगी कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे.
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