रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा (JSSC CGL-2023) को लेकर आज, 6 नवंबर को झारखंड हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला आने वाला है. राज्य सरकार के परीक्षा रद्द करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जस्टिस दीपक रोशन की अदालत अपना निर्णय सुनाएगी. इस फैसले से करीब 2,300 चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य तय होगा.
इस मामले में अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता और पूर्व महाधिवक्ता राजीव रंजन तथा अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा था. वहीं, राज्य सरकार की ओर से वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में दलीलें पेश की थीं.
परीक्षा रद्द करने के फैसले को दी गई चुनौती
गौरतलब है कि विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत आयोजित JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के बाद राज्य सरकार ने परीक्षा रद्द करने का आदेश दिया था. इसके खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि कुछ अभ्यर्थियों की कथित गड़बड़ियों के कारण पूरी परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करना उचित नहीं है. दोषी अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष चयनित उम्मीदवारों को इसकी सजा नहीं मिलनी चाहिए.
वहीं, सरकार ने जांच में सामने आई कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए परीक्षा रद्द करने के फैसले का बचाव किया है. अब हाईकोर्ट के निर्णय से परीक्षा और नियुक्तियों का भविष्य तय होगा. राज्यभर के अभ्यर्थियों की निगाहें आज के फैसले पर टिकी हैं.


