सऊदी अरब में हवाई अड्डों पर हुए हमलों के बाद उड़ान सेवाएं बाधित होने से मक्का और मदीना में फंसे करीब 4,000 भारतीय तीर्थयात्रियों की वापसी का मामला सामने आया है. एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है.
ओवैसी ने कहा कि इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया की उड़ानें रद्द होने के कारण भारतीय तीर्थयात्री सऊदी अरब में फंसे हुए हैं. उन्होंने मांग की कि एयरलाइंस को बड़े विमानों के संचालन की अनुमति दी जाए या इन यात्रियों को वापस लाने के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जाए.
ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत के करीब 4,000 तीर्थयात्री मक्का और मदीना में फंसे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इन तीर्थयात्रियों को उनके ट्रैवल एजेंटों ने असहाय छोड़ दिया है. ओवैसी ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने और यात्रियों की वापसी होने तक उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की अपील की.
ओवैसी ने अपने संदेश में कहा कि यदि एयरलाइंस बड़े विमानों का संचालन नहीं कर सकतीं, तो कम से कम फंसे हुए तीर्थयात्रियों को भारत वापस लाने के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जानी चाहिए.
दम्माम एयरपोर्ट पर हमले में भारतीय समेत दो की मौत
ओवैसी की यह मांग ऐसे समय आई है, जब सऊदी अरब में हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं से सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ी हैं. बुधवार, 21 अक्टूबर की रात सऊदी अरब के दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई.
इस हमले में एक भारतीय नागरिक और एक सऊदी नागरिक की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हुए. भारतीय दूतावास ने 22 अक्टूबर को एक भारतीय नागरिक की मौत और दो अन्य भारतीयों के घायल होने की जानकारी दी. वहीं इससे पहले 10 अक्टूबर को एक भारतीय की मौत पहले ही हुई थी. इस हमले के लिए यमन के हूती विद्रोहियों पर संदेह जताया जा रहा है.
तत्काल सुरक्षित लाने की मांग
उड़ान सेवाओं में बाधा के बीच ओवैसी ने कहा है कि यात्रियों को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए विमानन कंपनियों और संबंधित सरकारी एजेंसियों को तत्काल कदम उठाने चाहिए. उन्होंने DGCA से बड़े विमानों की अनुमति देने और वैकल्पिक तौर पर विशेष उड़ानों की व्यवस्था करने की मांग की है.
ओवैसी ने यह भी कहा कि वापसी की व्यवस्था होने तक सऊदी अरब में फंसे भारतीय तीर्थयात्रियों को आवश्यक सहायता मिलनी चाहिए.
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