दुमका: झारखंड के दुमका जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय आदिवासी छात्रा की मौत के बाद आक्रोश बढ़ गया है. नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा का शव शुक्रवार, 9 अक्टूबर की शाम जीतपुर गांव के पास झाड़ियों में मिला था. घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने यौन हिंसा के बाद हत्या की आशंका जताते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की.
शनिवार को ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने मधुबन चौक के पास दुमका-पाकुड़ मुख्य मार्ग जाम कर दिया था. इस मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई का निर्देश देने और जिम्मेदार पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
मरांडी ने कहा कि एक आदिवासी बेटी की मौत के बाद लोग सड़क पर उतरने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन से संवाद तक नहीं हो पा रहा है. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दुमका के पुलिस अधीक्षक से बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी. मरांडी ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई, तो भाजपा आंदोलन करेगी.
स्कूल से लौटने के बाद गाय खोलने गई थी छात्रा
मृतक छात्रा की बहन ने कहा कि मेरे बहन (मृतका) के साथ दुष्कर्म हुआ है. वह मात्र 14 साल की थी और नौवीं की छात्र थी. नौ अक्टूबर को स्कूल से छुट्टी के बाद वह गाय को खेत से लाने गई थी. खेत जाने के बाद वापस नहीं लौटी, घर नहीं लौटी तो घर के लोग परेशान हो गए. ढूढंने के दौरान गाय बांधने के स्थान पर चप्पल मिला. ढूंढने के दौरान वह एक झाड़ी में मिली. उसके शरीर में उस समय कोई कपड़े नहीं थे. जो भी कपड़े थे फटे हुए थे. इससे पता चलता है कि उसके साथ बुरे तरीके से रेप हुआ है. इसको लेकर शिकायत दर्ज की जा चुकी है. इसके बाद भी प्रशासन की ओर से कोई एक्शन नहीं लिया गया है.
उन्होंने बताया हमने बाबूलाल मरांडी से बात करने की बात कही है. वे 10 अक्टूबर की सुबह से शाम तक डेड बॉडी रखे हुए थे.
छात्रा की मौत की खबर फैलने के बाद गांव और आसपास के इलाके में आक्रोश फैल गया. परिजनों ने आशंका जताई कि छात्रा के साथ यौन हिंसा करने के बाद उसकी हत्या की गई.
घटना के बाद अभिभावक अपने बच्चियों को स्कूल भेजने को लेकर असहज
घटना का असर स्कूल के विद्यार्थियों पर भी पड़ा. छात्रा के स्कूल के सैकड़ों विद्यार्थी शनिवार को न्याय की मांग करते हुए सड़क पर उतरे. उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की.
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने छात्रा को पढ़ाई में अच्छी और मिलनसार बताया. छात्रा अपने परिवार की पांच संतानों में सबसे बड़ी थी. उसकी मौत के बाद ग्रामीणों ने बच्चियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई. स्थानीय लोगों का कहना था कि ऐसी घटनाओं से अभिभावकों में डर बढ़ सकता है और वे अपनी बेटियों को स्कूल भेजने में असहज महसूस कर सकते हैं.
दुमका जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि काठीकुंड जैसे क्षेत्र में इस तरह की घटना चिंताजनक है. उन्होंने दावा किया कि इसी गांव में पहले भी एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी और उस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी.
Also Read : झारखंडः जमशेदपुर के इस एटीएम से पैसा नहीं, राशन मिलेगा, दुर्गा पूजा के बाद होनी है शुरूआत

