रांची: रांची स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है. आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने 11 अक्टूबर को कहा कि छात्र को इलाज मिलने में देरी, प्रशासनिक लापरवाही और कथित आत्महत्या की परिस्थितियों की जांच कराई जाएगी.
आयोग शिक्षा मंत्रालय सहित कानून लागू कराने वाली एजेंसियों और जांच एजेंसियों को आवश्यक निर्देश देने जा रहा है. छात्र की मौत के बाद संस्थान में चिकित्सा सुविधाओं की कमी का आरोप लगाते हुए विद्यार्थी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
हॉस्टल में छात्र की मौत, मेडिकल व्यवस्था पर उठे सवाल
बिहार के पूर्णिया निवासी आदित्य कुमार IIIT रांची में बीटेक प्रथम वर्ष का छात्र था. शनिवार, 10 अक्टूबर की रात खेलगांव स्थित संस्थान के हॉस्टल में उसकी मौत हो गई. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रात करीब 10:45 बजे रूममेट ने आदित्य के कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद कमरे को खोला गया, जहां आदित्य अचेत अवस्था में मिला. छात्रों ने उसे बचाने की कोशिश की और सीपीआर दिया.
इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. कुछ मीडिया रिपोर्टों में छात्र के फंदे से लटके मिलने की बात कही गई है.
घटना के बाद छात्रों ने आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाए. उनका आरोप है कि समय पर मेडिकल सहायता नहीं मिली. कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, एंबुलेंस की चाबी खोजने में 15 से 20 मिनट की देरी हुई और एंबुलेंस में ऑक्सीजन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी. छात्रों ने कथित लापरवाही की जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और संस्थान के निदेशक तथा एकेडमिक डीन के इस्तीफे की मांग की है. हालांकि, मेडिकल सहायता में वास्तविक देरी कितनी हुई और उसका छात्र की मौत से कोई संबंध था या नहीं, यह जांच का विषय है.
NHRC करेगा इलाज में देरी और प्रशासनिक लापरवाही की जांच
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने 11 अक्टूबर को कहा कि आयोग रांची के IIIT में प्रथम वर्ष के छात्र की असामयिक मृत्यु की घटना का संज्ञान ले रहा है. उन्होंने बताया कि आयोग छात्र को इलाज मिलने में देरी, प्रशासनिक लापरवाही और कथित आत्महत्या की परिस्थितियों की जांच करवाएगा.
रांची के IIIT में प्रथम वर्ष के छात्र की असामयिक मृत्यु की घटना का हम संज्ञान ले रहे हैं ।
आयोग इस मामले में छात्र की इलाज मिलने में देरी,प्रशासनिक लापरवाही और कथित रूप से आत्महत्या किए जाने की परिस्थिति – मृत्यु के कारण की भी जाँच करवाएगा ।
हम शिक्षा मंत्रालय सहित लॉ इंफोर्समेंट अथॉरिटीज और इन्वेस्टीगेशन एजेंसीज को आवश्यक निर्देश देने जा रहे हैं।
— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) October 11, 2026
कानूनगो के अनुसार, आयोग शिक्षा मंत्रालय सहित कानून लागू कराने वाली एजेंसियों और जांच एजेंसियों को आवश्यक निर्देश देने जा रहा है.
बता दें, संस्थान में 8 अक्टूबर से परीक्षाएं शुरू हुई थीं. इस वजह से परीक्षा के दबाव की आशंका जताई गई है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि छात्र की मौत के पीछे परीक्षा का तनाव था या कोई अन्य व्यक्तिगत अथवा पारिवारिक कारण. पुलिस मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से मौत का कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है.
“फिलहाल हमारी प्रारंभिक जांच जारी है. एफएसएल की टीम भी घटनास्थल पर गई थी और वहां से साक्ष्य जुटाए हैं. छात्र के रूममेट का बयान भी दर्ज किया गया है. छात्र की आत्महत्या की घटना और कैंपस में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन, दोनों अलग-अलग मामले हैं. छात्रावास से जुड़ी कुछ समस्याओं और मांगों को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. जहां तक आत्महत्या के मामले की बात है, पुलिस इसकी गंभीरता से जांच कर रही है. शुरुआती तौर पर ऐसा लग रहा है कि यह घटना परीक्षा से जुड़े कारणों की वजह से हुई होगी.”
राकेश रंजन, एसएसपी, रांची
वहीं ट्रिपल आईटी ने शोक जताते हुए कहा कि इस कठिन व दु:खद घड़ी में संस्थान शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है. संस्थान ने अपने प्रेस रिलीज में बताया कि आदित्य कुमार के माता-पिता रांची के लिए रवाना हो चुके हैं. संस्थान ने हरसंभव सहयोग और सहायता देने की बात कही है.

