जोहार लाइव ब्यूरो
रांची: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत भूमि विवाद समाधान हेतु गठित विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) से तीन पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) को मुक्त कर दिया है. इन अधिकारियों को उनकी मूल इकाई में वापस भेज दिया गया है. एडीजी अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी), झारखंड, रांची के 27 मई 2026 को किये गए अनुरोध के आलोक में पुलिस मुख्यालय ने यह आदेश जारी किया है.
उल्लेखनीय जमीन विवाद से संबंधित मामले के लिए तत्कालीन डीजीपी अनुराग गुप्ता ने एसआईटी का गठन किया था. लेकिन अपने गठन के बाद जमीन से संबंधित मामले की जांच के दौरान इसके द्वारा की जा रही कारवाई या जांच को लेकर विवाद होने लगा था. वर्तमान में इस एसआईटी के द्वारा कोई जांच नहीं के बराबर की जा रही थी.
प्रभावित अधिकारियों की सूची:
- सुमनगिनी नाग (पुलिस उपाधीक्षक): इन्हें जैप 10 (म०वा०), होटवार, रांची स्थित उनके पदस्थापन स्थान पर वापस भेजा गया है.
- तारमणि बाखला (पुलिस उपाधीक्षक): इन्हें भी जैप 10 (म०वा०), होटवार, रांची में इनकी मूल इकाई में वापस किया गया है.
- प्रदीप पॉल कच्छप (पुलिस उपाधीक्षक): इन्हें एटीएस, रांची स्थित उनकी मूल इकाई में वापस लौटाया गया है.
क्या है पूरा मामला?
रांची में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और विवाद के मामले लगातार सामने आने के बाद तत्कालीन डीजीपी अनुराग गुप्ता ने अगस्त 2024 में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था. एसआईटी को जमीन के फर्जी दस्तावेज, रिकॉर्ड में हेरफेर, गलत तरीके से जमीन की खरीद-बिक्री और जबरन कब्जे से जुड़े मामलों की जांच का जिम्मा दिया गया था. टीम में छह आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया था और इसे सीआईडी के तहत काम करना था.
एसआईटी के गठन के बाद रांची के अलग-अलग इलाकों से जमीन से जुड़े 200 से ज्यादा मामले जांच के लिए पहुंचे. जांच के दौरान टीम ने कांके, नामकुम, रातू, बड़गाईं, सदर और अरगोड़ा समेत कई अंचलों से जमीन के रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेज मांगे. हालांकि, कई मामलों में अंचल कार्यालयों से रिकॉर्ड और रिपोर्ट मिलने में देरी हुई. इसे लेकर सीआईडी की ओर से जिला प्रशासन से अंचल अधिकारियों को जांच में सहयोग करने के लिए कहा गया था.
जांच के दौरान एसआईटी ने जमीन के दस्तावेज, खतियान, पंजी-2, दाखिल-खारिज और रजिस्ट्री से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की. कुछ मामलों में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई. चुटिया के कृष्णापुरी इलाके से जुड़े एक जमीन मामले में एसआईटी की जांच के बाद तत्कालीन सीओ, सीआई और राजस्वकर्मियों समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

हालांकि, समय के साथ इस एसआईटी की सक्रियता कम होती गई और जमीन से जुड़े मामलों की जांच पहले की तुलना में काफी सीमित हो गई. इसी बीच सीआईडी ने 27 मई 2026 को पुलिस मुख्यालय से एसआईटी में तैनात तीन डीएसपी को उनकी मूल इकाई में वापस भेजने का अनुरोध किया. अब पुलिस मुख्यालय ने सुमनगिनी नाग, तारमणि बाखला और प्रदीप पॉल कच्छप को उनकी पैतृक इकाइयों में वापस भेज दिया है.

