विजय उरांव
करमा पूजा के बाद करम डाली विसर्जन के दौरान झारखंड में एक बार फिर बड़ा हादसा हुआ है. पलामू में बुधवार को अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक अभी लापता है. चैनपुर थाना क्षेत्र में कोयल नदी में करम डाली विसर्जित करने के दौरान पांच युवक डूब गए. इनमें चार की मौत हो गई और एक की तलाश जारी है. वहीं, पाटन थाना क्षेत्र में करम डाली बहाने के दौरान 15 साल की सिंपी कुमारी की डूबने से मौत हो गई.
सिर्फ पलामू नहीं, पहले भी हुए बड़े हादसे
करमा पूजा के दौरान डूबने की घटनाएं झारखंड में नई नहीं हैं. उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों को देखें तो 2018 से 2026 के बीच अलग-अलग जिलों में कम से कम 33 लोगों की मौत ऐसे हादसों में दर्ज हुई है. यह सरकारी समेकित आंकड़ा नहीं, बल्कि प्रकाशित घटनाओं के आधार पर तैयार न्यूनतम आंकड़ा है.
साल – मौतें – प्रमुख घटनाएं
2018 – 3 – पलामू में करमा पूजा की सामग्री विसर्जित करने गई तीन किशोरियों की मौत
2020 – 2 – पलामू में करमा पूजा से जुड़े दो अलग हादसों में दो बच्चों की मौत
2021 – 8 – लातेहार में करम डाली विसर्जन के दौरान सात लड़कियों समेत आठ लोगों की मौत
2022 – 2 – रामगढ़ में करमा पर्व के दौरान दामोदर नदी में दो बहनों की मौत
2023 – 9 – गिरिडीह, हजारीबाग और धनबाद में करमा पूजा से जुड़े अलग-अलग हादसों में नौ मौतें
2025 – 4 – गढ़वा, हजारीबाग और धनबाद में चार लोगों की मौत
2026 – 5 – पलामू में पांच मौतें, एक व्यक्ति लापता
कुल: 33 मौतें

2021 में लातेहार में सबसे बड़ा हादसा
करमा पूजा के दौरान सबसे बड़ी घटनाओं में 2021 का लातेहार हादसा शामिल है. बुकरू गांव में करम डाली विसर्जन के दौरान सात लड़कियां डूब गई थीं. उसी दिन जिले में एक अन्य घटना में एक व्यक्ति की भी मौत हुई थी. इस तरह उस दिन लातेहार में कुल आठ मौतें दर्ज हुई थीं.
इसके बाद 2023 में भी करमा पूजा के दौरान कई जिलों में हादसे हुए. गिरिडीह में चार बच्चियों, हजारीबाग में तीन बच्चियों और धनबाद में दो बच्चों की डूबने से मौत हुई थी. यानी सिर्फ इन घटनाओं में नौ लोगों की जान गई.
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