बिहार में बाढ़ का असर लगातार बढ़ रहा है. गंगा, गंडक और कोसी समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से राज्य के 15 जिलों में करीब 49.72 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. कुल 88 प्रखंडों की 576 ग्राम पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं. प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 9 टीमें तैनात की हैं.
केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक गंडक नदी डुमरिया घाट, कोसी बलतारा और कुरसेला, बूढ़ी गंडक खगड़िया और गंगा गांधीघाट, हाथीदह और कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.
बाढ़ से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया प्रभावित हैं.
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अलग-अलग जिलों में 199 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं. इनके जरिए अब तक करीब 1.91 करोड़ थाली भोजन कराया गया है. इसके अलावा 7 राहत शिविर भी चल रहे हैं, जहां 9,003 लोगों के लिए रहने, भोजन और इलाज की व्यवस्था की गई है.
प्रभावित इलाकों में करीब 4.48 लाख पॉलिथीन शीट, 91,318 ड्राई राशन पैकेट और करीब 1,400 फूड पैकेट बांटे गए हैं. लोगों के आवागमन के लिए 591 नावें चलाई जा रही हैं, जबकि पशुओं के लिए अब तक 17,881 क्विंटल चारा वितरित किया गया है.
गंडक-कोसी पर नजर, अगले दो दिन हल्की बारिश का अनुमान
20 सितंबर की सुबह 10 बजे वाल्मीकिनगर बैराज पर गंडक नदी का जलस्राव 54,200 क्यूसेक दर्ज किया गया. फिलहाल इसकी प्रवृत्ति स्थिर है. इस साल गंडक का सबसे ज्यादा जलस्राव 14 जुलाई को 2.24 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था.
वीरपुर बैराज पर कोसी नदी का बहाव 1,36,965 क्यूसेक दर्ज किया गया और इसमें बढ़ोतरी की प्रवृत्ति बनी हुई है. इस साल कोसी का अधिकतम नदी का बहाव 20 जुलाई को 2,55,425 क्यूसेक दर्ज किया गया था.
वहीं, इंद्रपुरी बैराज पर सोन नदी का बहाव 33,514 क्यूसेक दर्ज किया गया, जिसमें कमी की प्रवृत्ति है. सोन नदी में इस साल अब तक सबसे ज्यादा 5,63,654 क्यूसेक पानी का बहाव 2 सितंबर को दर्ज किया गया था.
बिहार मौसम सेवा केंद्र के मुताबिक अगले दो दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है. संभावित बाढ़ और राहत-बचाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से नदियों के जलस्तर और मौसम पर लगातार नजर रखी जा रही है.

