झारखंड के पाकुड़ जिले में स्कूलों की व्यवस्था और जमीनी हकीकत सामने लाना अब आसान नहीं होगा. झारखंड शिक्षा परियोजना (पाकुड़) ने एक सख्त आदेश जारी कर स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और जानकारी या तस्वीरें साझा करने पर कड़ा पहरा बिठा दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस आदेश की प्रामाणिकता की पुष्टि खुद पाकुड़ की जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) अनिता पूर्ति ने की है.
कैंपस में बाहरी लोगों की एंट्री और डेटा शेयरिंग पर रोक
15 सितंबर 2026 को ज्ञापांक 933 के तहत जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, कक्षा 1 से 12वीं तक संचालित सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में किसी भी बाहरी व्यक्ति का अनधिकृत प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि स्कूल का मुआयना या निरीक्षण करने वाले अधिकृत पदाधिकारियों के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति (मीडिया या आम नागरिक) को जिला शिक्षा पदाधिकारी की अनुमति के बिना कोई भी आंकड़ा, ब्यौरा या फोटोग्राफ नहीं दिया जाएगा.
लापरवाही पर हेडमास्टर पर सीधे होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने इस नियम का उल्लंघन करने पर सख्त रुख अपनाया है. आदेश में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि निर्देशों की अनदेखी हुई, तो संबंधित प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक को सीधे तौर पर जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ नियमों के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. यह पत्र जिले के सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ-साथ सभी BEEO, BRCC और BPO को भी भेज दिया गया है.
DEO अनिता पूर्ति ने ‘जोहार लाइव’ से कहा- ‘हां, मेरे ऑफिस से ही निकला है’
इस आदेश के सामने आने के बाद ‘जोहार लाइव’ के संवाददाता ने पाकुड़ की जिला शिक्षा पदाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अनिता पूर्ति से संपर्क कर पत्र की सत्यता की पड़ताल की. वायरल आदेश की प्रति भेजे जाने पर डीईओ अनिता पूर्ति ने लिखित संदेश भेजकर पुष्टि की, “हां, मेरे ऑफिस से निकला है.” इससे साफ हो गया है कि स्कूलों में पड़ताल और कवरेज को लेकर जारी यह फरमान पूरी तरह आधिकारिक है.
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