कनिका राणा
रांची: विधायक आवास में इंटरव्यू के दौरान सवाल पूछने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. गिरिडीह जिले के डुमरी विधायक जयराम महतो के इंटरव्यू के दौरान जोहार लाइव के पत्रकार ने सोशल मीडिया पर वायरल उनके एक वीडियो को लेकर सवाल किया. जोहार लाइव के आरोप है कि सवाल पूछने पर जयराम महतो भड़क गए और बाद में कैमरे का मेमोरी कार्ड निकलवाकर अपने पास रखवा लिया.
क्या है पूरा मामला?
पत्रकार के मुताबिक, वह जयराम महतो का इंटरव्यू लेने विधायक आवास पहुंची थीं. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने जयराम महतो से उनके उस बयान को लेकर सवाल किया, जिसमें वह अधिकारियों और पुलिस पर पैसे की वसूली का आरोप लगाते नजर आते हैं। पत्रकार ने उनसे पूछा कि आखिर कौन से अधिकारी या पुलिस अधिकारी वसूली में शामिल हैं?
आरोप है कि इस सवाल पर जयराम महतो नाराज हो गए और पत्रकार से कहा कि वह खुद जाकर देखने के बाद सवाल करें. पत्रकार का कहना है कि जब बयान खुद विधायक का है, तो उस पर सवाल पूछना पत्रकार का काम है और उसका जवाब देना संबंधित नेता की जिम्मेदारी.
फोन देखकर सवाल पूछना भी बना विवाद
पत्रकार का आरोप है कि इंटरव्यू के दौरान वह अपने फोन पर सवाल देखकर पूछ रही थीं. इस पर जयराम महतो ने कथित तौर पर उन्हें पहले पत्रकारिता सीखकर आने की बात कही. पत्रकार ने सवाल उठाया कि इंटरव्यू के दौरान फोन से सवाल देखकर पूछना आखिर अपराध कैसे हो गया?
उनका कहना है कि पत्रकार कई सवाल तैयार करके इंटरव्यू लेने पहुंचता है और बातचीत के दौरान कुछ सवाल छूट न जाएं, इसलिए फोन या नोट्स का इस्तेमाल करना सामान्य प्रक्रिया है.
‘महिला होने का कार्ड मत खेलिए’ कहने का भी आरोप
पत्रकार के मुताबिक, जब उन्होंने जयराम महतो से कहा कि एक महिला पत्रकार से इस तरह बात करना उचित नहीं है, तो कथित तौर पर उन्हें ‘विक्टिम कार्ड’ और ‘इमोशनल कार्ड’ खेलने की बात कही गई.
पत्रकार का आरोप है कि बातचीत के दौरान जयराम महतो ने एक महिला को बीच में आगे कर दिया और माहौल को संभालने की कोशिश की गई.
सबसे बड़ा सवाल- मेमोरी कार्ड क्यों रखा गया?
पूरे विवाद में पत्रकार ने सबसे बड़ा सवाल मेमोरी कार्ड को लेकर उठाया है. उनका आरोप है कि इंटरव्यू के दौरान कैमरा बंद करवाकर उसका मेमोरी कार्ड निकलवाया गया और किसी अन्य व्यक्ति के जरिए उसे अपने पास रख लिया गया.
पत्रकार का कहना है कि वह और उनका कैमरामैन अब भी विधायक आवास में मेमोरी कार्ड वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं.

इसी मुद्दे पर पत्रकार ने जयराम महतो को ओपन चैलेंज दिया है-
अगर इंटरव्यू में जयराम महतो ने कुछ गलत नहीं कहा, अगर वीडियो में कोई आपत्तिजनक बात नहीं है और उन्हें अपने बयान पर पूरा भरोसा है, तो फिर मेमोरी कार्ड क्यों रखा गया?
पत्रकार ने मांग की है कि उनका मेमोरी कार्ड वापस किया जाए, ताकि पूरी बातचीत सामने आ सके और जनता खुद तय कर सके कि इंटरव्यू में क्या कहा गया था.
‘आम जनता के लिए घर खुला है’-इसी दावे पर भी सवाल
पत्रकार ने जयराम महतो के उस दावे पर भी सवाल उठाया है, जिसमें वह अपने आवास को आम जनता के लिए खुला बताते रहे हैं. उनका कहना है कि अगर उनका घर वास्तव में आम लोगों के लिए खुला है, तो एक पत्रकार के साथ सवाल पूछने पर इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया?
पत्रकार ने साफ कहा कि उनका जयराम महतो से कोई व्यक्तिगत विवाद या दुश्मनी नहीं है. उनका कहना है कि पत्रकार का काम सवाल पूछना और दोनों पक्षों को जनता के सामने रखना है.
अब सवाल सिर्फ एक है- अगर जयराम महतो को अपने बयान पर भरोसा है, तो पत्रकार का मेमोरी कार्ड वापस क्यों नहीं किया जा रहा? और अगर मेमोरी कार्ड में सब कुछ रिकॉर्ड है, तो उसे जनता के सामने आने से रोकने की जरूरत क्यों पड़ी?
फिलहाल विवाद का केंद्र यही मेमोरी कार्ड है और अब निगाह इस बात पर है कि जयराम महतो इस पूरे मामले पर क्या जवाब देते हैं.


