पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के प्रसिद्ध तारापीठ मंदिर के पास सोमवार सुबह एक निजी होटल में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया. आग की चपेट में आने से 5 से अधिक तीर्थयात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. अलग-अलग समय पर सामने आई रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 5, 6 और बाद में कम से कम 7 बताई गई है.
बताया जा रहा है कि होटल में तारापीठ मंदिर में दर्शन के लिए आए श्रद्धालु ठहरे हुए थे. सुबह के वक्त अधिकांश यात्री अपने कमरों में सो रहे थे, तभी होटल की पहली मंजिल में अचानक आग लग गई. कुछ ही देर में आग तेजी से ऊपर की मंजिलों तक फैल गई और होटल के कमरों में धुआं भर गया. कई यात्री आग और धुएं के बीच फंस गए.
घायलों को ईलाज के लिए रामपुरहाट अस्पताल ले जाया गया
घटना की सूचना मिलते ही तारापीठ थाना पुलिस और दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और होटल में फंसे लोगों को बाहर निकाला. रेस्क्यू किए गए घायलों को तत्काल रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई गई है. हालांकि, आग की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी. दमकल और प्रशासन की टीम होटल में मौजूद अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की भी जांच कर रही है.
हादसे के बाद होटल की फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि होटल में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं और आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकालने की व्यवस्था कितनी प्रभावी थी.
तारापीठ पश्चिम बंगाल का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां तारा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर के पास ही होटल में हुए इस हादसे से इलाके में शोक और अफरा-तफरी का माहौल है.

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