बीते 10 अगस्त को विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से झारखंड विधानसभा का घेराव किया गया था. घेराव के दौरान जमकर हंगामा हुआ. इसी दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हुए टकराव में करीब 130 लोगों के घायल होने की सूचना है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठियों का भी इस्तेमाल किया.
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधियों के अनुसार, उनके करीब 80 छात्र-छात्राओं को चोटें आई हैं. मंच का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बेरहमी से मारपीट की. वहीं, JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच के 20 से अधिक छात्रों के घायल होने की बात सामने आई है. इनमें कई छात्रों के हाथ-पैर में फ्रैक्चर होने की भी सूचना है. सोमवार को रांची में छात्रों के प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने के दौरान न्याय मंच देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी. डॉक्टरों के हवाले से कहा गया है कि उनके ब्लड शुगर लेवल में गिरावट आई है. अभी उनकी हालत गंभीर है.
हंगामे के बाद सदर अस्पताल में 10 छात्र गंभीर रूप से घायल अवस्था में पहुंचे. इनमें से तीन छात्रों की स्थिति गंभीर बताई गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
एक पुलिसकर्मी अब भी आईसीयू में, 12 की छुट्टी
वहीं, विधानसभा घेराव के दौरान सिर्फ छात्र-छात्राएं ही घायल नहीं हुए, बल्कि सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी टकराव की चपेट में आए. रांची पुलिस के करीब 14 पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है. इनमें से एक पुलिसकर्मी अंजनी यादव को धुर्वा स्थित एक निजी अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है. वहीं, देर रात 12 पुलिसकर्मियों को सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई.
इसके बाद बीजेपी ने रांची में प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के ख़िलाफ़ मंगलवार को झारखंड बंद का ऐलान किया. हालांकि मंगलवार की सुबह में 10 बजे तक इसका असर राजधानी में आंशिक असर देखने को मिला.
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