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    Home»जोहार ब्रेकिंग»JPSC परीक्षा घोटाला: पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से इन अहम मुद्दों पर सीआईडी के द्वारा की जा रही है पूछताछ
    जोहार ब्रेकिंग

    JPSC परीक्षा घोटाला: पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से इन अहम मुद्दों पर सीआईडी के द्वारा की जा रही है पूछताछ

    Joharlive NetworkBy Joharlive NetworkJuly 28, 2026No Comments3 Mins Read3
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    रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी सोमवार को आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से कई अहम मुद्दों पर पूछताछ कर रही है. जांच एजेंसी का फोकस परीक्षा संचालन से जुड़े फैसलों, एजेंसी चयन, आयोग की प्रशासनिक भूमिका और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तथ्यों की पुष्टि करना है.

    सूत्रों के अनुसार सीआईडी सबसे पहले यह जानने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा संचालन का जिम्मा टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) को किन परिस्थितियों में सौंपा गया. एजेंसी के चयन की प्रक्रिया क्या थी, फाइल किस स्तर से चली, अंतिम स्वीकृति किस आधार पर दी गई और तत्कालीन अध्यक्ष की इसमें क्या भूमिका रही, इन सभी बिंदुओं पर सवाल किए जा रहे हैं.

    जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि क्या आयोग को टीडीपीएल के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों अथवा उसके ब्लैकलिस्ट होने की जानकारी थी. यदि जानकारी थी तो उसके बावजूद एजेंसी को जिम्मेदारी क्यों दी गई और यदि जानकारी नहीं थी तो एजेंसी का सत्यापन किस स्तर पर किया गया.

    पूछताछ के दौरान ओएमआर शीट की छपाई, सुरक्षित रखरखाव, परिवहन, मूल्यांकन, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, अभ्यर्थियों के डेटा की सुरक्षा और परिणाम तैयार करने की पूरी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल किए जा रहे हैं. सीआईडी यह भी समझने का प्रयास कर रही है कि इन प्रक्रियाओं की निगरानी आयोग के स्तर पर किस प्रकार की जाती थी और किसी शिकायत की स्थिति में क्या कार्रवाई की गई.

    इसके अलावा जांच अधिकारी आयोग के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, उप परीक्षा नियंत्रक और अन्य अधिकारियों की भूमिका, फाइल नोटिंग, प्रशासनिक अनुमोदन तथा पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों के बयानों के आधार पर भी ख्यांगते से जवाब ले रहे हैं. उनके बयानों का मिलान जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों से किया जाएगा.

    इस बीच ख्यांगते का पहले दिया गया एक सार्वजनिक बयान भी चर्चा में है. उन्होंने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अपनी इच्छा से जेपीएससी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था. उनके अनुसार यदि वे पद पर बने रहते तो उन पर जांच को प्रभावित करने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ के आरोप लग सकते थे. इसलिए उन्होंने जांच एजेंसियों को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करने का अवसर देने के लिए पद छोड़ना उचित समझा.

    इसी इंटरव्यू में उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए 40 लाख रुपये की रिश्वत के आरोप पर भी प्रतिक्रिया दी थी. ख्यांगते ने कहा था कि इस आरोप की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए. उनका कहना था कि पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी.

    गौरतलब है कि जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले में सीआईडी अब तक कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है. पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से हो रही पूछताछ को इस मामले की अहम कड़ी माना जा रहा है. हालांकि फिलहाल सीआईडी ने उन्हें आरोपी घोषित नहीं किया है और उनसे पूछताछ जांच प्रक्रिया के तहत की जा रही है.

    Also Read : जेपीएससी घोटाला: पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को 28 जुलाई को पूछताछ के लिए सीआईडी का समन

    JPSC परीक्षा घोटाला एल. ख्यांगते
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