Ranchi : देशभर के छात्रों की आवाज को एक मंच देने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस की ओर से एक राष्ट्रव्यापी छात्र आंदोलन की शुरुआत की जा रही है. इसी सिलसिले में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी रांची पहुंचे. रांची प्रेस क्लब में “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और हाल ही में हुए पेपर लीक मामलों पर जमकर निशाना साधा. सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था ICU में है, इस चलते कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे देश में शिक्षा के चौपट होते भविष्य को बचाने के लिए एक बड़े आंदोलन की शुरुआत की जा रही है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद लगातार छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स से मिल रहे हैं. कोटा में छात्रों से बातचीत कर उन्होंने पूरे देश को दिखाया कि मौजूदा सरकार किस तरह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है.
मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं 23 लाख छात्र
नीट (NEET) परीक्षा का जिक्र करते हुए इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि परीक्षा की तैयारी करने वाले करीब 23 लाख छात्र आज पेपर लीक के कारण भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं. पिछले कुछ हफ्तों में कई छात्रों ने इस भ्रष्ट व्यवस्था से निराश होकर खुद को मिटा लिया. उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि… तुझको कितनों का लहू चाहिए ऐ अर्ज-ए-वतन, कितनी आहों से कलेजा तेरा ठंडा होगा. सांसद ने उन सभी छात्रों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इन मौतों का जिम्मेदार सीधा यह लचर सिस्टम है.
थर्मामीटर बदलने से बुखार नहीं उतरता
सरकार द्वारा एयरफोर्स के विमानों से परीक्षा केंद्रों तक पेपर पहुंचाने के फैसले पर तंज कसते हुए सांसद ने कहा कि हमारे अवध में एक कहावत है कि… गठरी बदलने से सामान नहीं बदलती। ठीक उसी तरह, थर्मामीटर बदलने से कभी बुखार नहीं उतरता, उसके लिए बीमारी का इलाज करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए सेना का इस्तेमाल कर रही है. अगर एक पेपर सुरक्षित तरीके से करवाने के लिए भी सेना की मदद लेनी पड़ रही है, तो शिक्षा मंत्रालय को ही बर्खास्त कर देना चाहिए.
सरकार के अंदर बैठे हैं बड़े मगरमच्छ
इमरान प्रतापगढ़ी ने इल्जाम लगाया कि पेपर लीक करने वाले लोग बाहर के नहीं, बल्कि इसी सरकारी सिस्टम के अंदर बैठे हुए हैं. सरकार सिर्फ छोटी मछलियों को पकड़कर खानापूर्ति कर रही है और बड़ी कुर्सियों पर बैठे मगरमच्छों को बचाया जा रहा है. उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी हर साल ‘परीक्षा पर चर्चा’ जैसा इवेंट तो करते हैं, लेकिन जब 23 लाख छात्रों का भविष्य अधर में लटका, तो उन्होंने एक शब्द भी बोलना मुनासिब नहीं समझा.
कांग्रेस की तीन बड़ी मांगें
सांसद ने बताया कि कांग्रेस पार्टी देश के 28 प्रमुख शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों की तीन प्रमुख मांगों को मजबूती से उठा रही है:
- पेपर लीक मुक्त परीक्षा : देश में परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए ताकि छात्रों का भरोसा न टूटे.
- शिक्षा मंत्री का तुरंत इस्तीफा : देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बिना किसी बहानेबाजी के तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें और इस पूरे मामले की न्यायिक जांच हो.
- वार्षिक कैलेंडर जारी हो : हर प्रतियोगी और भर्ती परीक्षा का एक तय सालाना कैलेंडर जारी किया जाए, ताकि छात्रों को परीक्षा की समय-सीमा का पहले से पता हो.
इमरान प्रतापगढ़ी ने बताया कि राहुल गांधी लगातार देश के अलग-अलग शहरों जैसे पटना, इलाहाबाद, बेंगलुरु और दिल्ली में छात्रों से मिल रहे हैं. आगामी 9 अगस्त को देशभर के छात्रों और युवाओं को दिल्ली आने का न्योता दिया गया है. ‘दिल्ली चलो’ के इस नारे के साथ छात्र संसद का घेराव करेंगे और सरकार को बताएंगे कि यह शिक्षा प्रणाली अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
Also Read : झारखंड : ड्रग्स तस्करी नेटवर्क करना है तबाह, अमित शाह ने पुलिस को दिए 15 टिप्स

