Ranchi : झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद महागठबंधन के भीतर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव में क्रॉस वोटिंग और कथित हॉर्सट्रेडिंग को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त हुई, लेकिन पार्टी के विधायक एकजुट रहे और कांग्रेस अपने विधायकों के साथ मजबूती से खड़ी रही।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा, ‘’झारखंड में हॉर्सट्रेडिंग हुई है और विधायकों की खरीद-फरोख्त की गई है। हालांकि उन्हें इस बात की संतुष्टि है कि कांग्रेस के विधायक पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने आशंका जताई कि गठबंधन के सहयोगी दलों में से राजद या सीपीआई(एमएल) की ओर से कांग्रेस को धोखा मिला हो सकता है।‘’
इरफान अंसारी भी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, ‘’हार का दुख उतना नहीं है, जितना अपनों द्वारा भरोसा तोड़े जाने का है। इरफान अंसारी ने कहा कि चुनाव में जो कुछ हुआ, उससे यह साफ है कि कहीं न कहीं विश्वास को ठेस पहुंची है। उन्होंने संकेतों में कहा कि बाहर के लोगों से ज्यादा दर्द तब होता है, जब अपने ही साथ छोड़ दें।‘’
राजद ने दी सफाई, कहा- गठबंधन धर्म निभाया है
कांग्रेस की नाराजगी के बीच राजद नेताओं ने एकजुट होकर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। राजद विधायकों ने साफ कहा कि वे पार्टी आलाकमान और विधायक दल के नेता के निर्देशों का पालन करेंगे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि राजद ने हमेशा गठबंधन धर्म निभाया है और इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ा रहा है। राजद विधायकों ने कहा कि गठबंधन की बैठक हो चुकी है और उसमें पार्टी ने अपनी बात रख दी है। अब जो भी निर्णय होगा, वह सामूहिक रूप से लिया जाएगा।
राजद कोटे से मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि उनकी पार्टी किसी व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि संगठनात्मक व्यवस्था के तहत काम करती है। उन्होंने कहा, ‘’राजद का अपना सिस्टम है। सदन के नेता, विधायक दल के नेता और पार्टी आलाकमान जो निर्देश देंगे, हम उसी का पालन करेंगे। पार्टी का हर विधायक अनुशासन में रहकर काम करता है।”
राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान ने भी कांग्रेस के आरोपों पर सीधे प्रतिक्रिया देने से बचते हुए कहा कि राजद पूरी तरह महागठबंधन के साथ है। उन्होंने कहा, ‘’हम सभी लोग गठबंधन के साथ हैं। पार्टी आलाकमान जो निर्देश देगा, उसका पालन किया जाएगा। राजद ने हमेशा गठबंधन की मजबूती के लिए काम किया है और आगे भी करता रहेगा।”
राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस जहां सहयोगी दलों की भूमिका पर सवाल उठा रही है, वहीं राजद अपने ऊपर लगे संदेह को खारिज करते हुए गठबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहा है। आने वाले दिनों में महागठबंधन के भीतर इस मुद्दे पर और चर्चा होने की संभावना है। फिलहाल सभी की नजरें गठबंधन नेतृत्व की अगली रणनीति पर टिकी हैं।
Also Read : झारखंड : आरजेडी-कांग्रेस में सिर फुटव्वल, कौन किसको दे रहा गिरेबान में झांकने की नसीहत

