Ranchi : झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी रांची समेत आसपास के कई जिलों में बुधवार शाम मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। दिनभर तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बाद शाम करीब छह बजे आसमान में काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई। मौसम में आए इस बदलाव के कारण तापमान में लगभग चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह बना रहेगा। विभाग ने 11 और 12 जून के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी झारखंड के देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, गिरिडीह, जामताड़ा और साहिबगंज जिलों के अलावा रांची, रामगढ़, हजारीबाग, गुमला, बोकारो, लोहरदगा, कोडरमा, धनबाद और खूंटी में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ ही वज्रपात और मेघगर्जन की भी संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि पूरे राज्य में 15 जून तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है।
दुमका में सबसे अधिक बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 37.2 मिलीमीटर वर्षा दुमका में रिकॉर्ड की गई।
वहीं, सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज में दर्ज किया गया। दूसरी ओर सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस लातेहार में रिकॉर्ड हुआ।
राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अगले चार दिनों में और गिरेगा तापमान
मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 12 से 15 जून के बीच अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।
रांची के लिए अनुमानित तापमान इस प्रकार है—
- 11 जून : अधिकतम 39°C, न्यूनतम 26°C
- 12 जून : अधिकतम 37°C, न्यूनतम 24°C
- 13 जून : अधिकतम 34°C, न्यूनतम 23°C
- 14 जून : अधिकतम 33°C, न्यूनतम 23°C
किसानों और आम लोगों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज आंधी और वज्रपात के कारण खड़ी फसलों, बागवानी और पौधारोपण को नुकसान पहुंच सकता है। खुले स्थानों पर मौजूद लोगों और मवेशियों पर भी खतरा बढ़ सकता है।
वज्रपात और आंधी के दौरान क्या करें
- खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहें।
- खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें।
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
- पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- तालाब, नदी या अन्य जलस्रोतों से तुरंत बाहर निकल जाएं।
- बिजली का संचालन करने वाली धातु की वस्तुओं से दूर रहें।
- सुरक्षित भवन या पक्के आश्रय में ही रुकें।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिन राहत भरे जरूर रहेंगे, लेकिन आंधी और वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है।

