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    Home»जोहार ब्रेकिंग»टुंडी में हाथियों का कहर, दो घर तोड़े, अनाज भी चट कर गये 
    जोहार ब्रेकिंग

    टुंडी में हाथियों का कहर, दो घर तोड़े, अनाज भी चट कर गये 

    Rudra ThakurBy Rudra ThakurJune 9, 2026No Comments4 Mins Read
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    हाथियों
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    Dhanbad : धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले करीब 15 दिनों से टुंडी पहाड़ क्षेत्र में डेरा जमाए लगभग 35 हाथियों का झुंड अब रिहायशी इलाकों की तरफ रुख करने लगा है। बीती देर रात हाथियों ने दो गांवों में जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान दो घरों को नुकसान पहुंचाया गया और घरों में रखा अनाज भी हाथी खा गए। घटना के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है।

    देर रात गांव में घुसे हाथी, मची अफरा-तफरी

    ग्रामीणों के मुताबिक सोमवार की रात भोजन की तलाश में हाथियों का झुंड पहाड़ से उतरकर पर्वतपुर और बसहा गांव पहुंच गया। रात के सन्नाटे में अचानक हाथियों की चिंघाड़ और पेड़ों के टूटने की आवाज सुनकर लोगों की नींद खुल गई। जब ग्रामीण घरों से बाहर निकले तो सामने हाथियों का बड़ा झुंड देखकर उनके होश उड़ गए। हाथियों को गांव में घूमता देख लोग अपने परिवार के साथ सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे। कई लोगों ने पूरी रात जागकर बिताई। गांव में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।

    दो घरों को पहुंचाया भारी नुकसान

    इसी दौरान हाथियों ने पर्वतपुर गांव निवासी महालाल किस्कू और सुनील हेंब्रम के मिट्टी के घरों को निशाना बनाया। बड़े हाथियों ने घरों की दीवारें और ढांचे को तोड़ दिया। उस समय घर के अंदर मौजूद लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बड़े हाथी घर को तोड़ने में लगे रहे, जबकि झुंड में शामिल छोटे हाथी घर के अंदर घुस गए। घरों में रखा धान, गेहूं और अन्य खाद्यान्न उन्होंने देखते ही देखते खा लिया। एक ही रात में घर और अनाज दोनों का नुकसान होने से प्रभावित परिवारों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।

    सूचना मिलते ही पहुंची वन विभाग की टीम

    घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने मशाल, ढोल-नगाड़े और पटाखों की मदद से हाथियों को गांव से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद हाथियों के झुंड को आबादी वाले इलाके से हटाकर नवतार पहाड़ की ओर खदेड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि झुंड में करीब 35 हाथी शामिल हैं। ये हाथी पिछले 15 दिनों से टुंडी पहाड़ क्षेत्र में घूम रहे हैं। विभाग की ओर से पहले भी आसपास के गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद भोजन की तलाश में हाथी अचानक गांव में घुस आए और नुकसान पहुंचा गए।

    रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर ग्रामीण

    हाथियों की लगातार मौजूदगी से टुंडी पहाड़ से सटे गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। शाम ढलते ही लोग घरों में सिमट जाते हैं। कई गांवों में ग्रामीण रात भर जागकर पहरा दे रहे हैं ताकि हाथियों के आने की सूचना समय रहते मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से हाथियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में खासा डर है। लोगों को हर रात इस बात की चिंता सताती रहती है कि कहीं हाथियों का झुंड फिर से गांव में न पहुंच जाए।

    स्थायी समाधान और मुआवजे की मांग

    घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से हाथियों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से जान-माल का खतरा बढ़ता जा रहा है। प्रभावित परिवारों ने हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने की भी मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के आवागमन वाले इलाकों में सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए जाएं और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे हाथी आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश न कर सकें। इससे भविष्य में होने वाले नुकसान और किसी बड़े हादसे को रोका जा सकेगा।

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    Elephants wreak havoc in Tundi; two houses destroyed and grain devoured. अनाज भी चट कर गये टुंडी में हाथियों का कहर दो घर तोड़े
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