Chaibasa : चाईबासा जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र में हुए संजय बोयपोई की सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में हत्या के मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम सुरेश सोय (20 वर्ष), कप्तान होनहांगा उर्फ टाटा (31 वर्ष), गुने हिन्दु अंगरिया उर्फ मोटा (22 वर्ष), बुधू बोदरा (27 वर्ष) और बिजू चौधरी (31 वर्ष) बताए गए। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल देशी कट्टा, जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
एसडीपीओ बहामन टूटी ने मीडिया को बताया कि बीते 1 जून की रात करीब 12:10 बजे चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के गुईगांव निवासी संजय बोयपोई अपने घर के आंगन में सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल संजय की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
एसआईटी गठित कर शुरू की गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित रेणु के निर्देश पर एएसपी सह एसडीपीओ चक्रधरपुर और थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना तंत्र की मदद से लगातार छापेमारी अभियान चलाया। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर 4 जून को घटना में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में पता चला कि मृतक संजय बोयपोई और आरोपी बिजू चौधरी के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद और आपसी रंजिश चल रही थी।
पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश के चलते बिजू चौधरी ने अन्य अपराधियों को सुपारी देकर संजय बोयपोई की हत्या करवाई। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। एसडीपीओ के अनुसार, तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचनाओं के आधार पर अपराधियों तक पहुंचा गया। लगातार छापेमारी और सटीक सूचना के कारण पुलिस इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करने में सफल रही।
पुलिस टीम की सराहना
इस पूरे ऑपरेशन में चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार, एसआई परमेश्वर उरांव, रंजीत उरांव, राजकिशोर तिवारी, बिरबल चौबे, दिलीप कुमार, शशिभूषण सामड, तकनीकी शाखा के चंद्रशेखर और गंगाराम पुरती समेत सशस्त्र बल एवं चौकीदारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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