Palamu : झारखंड के पलामू जिले में एक दर्दनाक हादसे में मजदूर की जान चली गई। पड़वा थाना क्षेत्र के बटसारा गांव में पुआल काटने वाली मशीन की चपेट में आने से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और परिवार में मातम छा गया। मृतक की पहचान पड़वा थाना क्षेत्र के गोल्हना गांव निवासी दशरथ प्रजापति के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने परिवार और बच्चों के पालन-पोषण के लिए मजदूरी करने बटसारा गांव आया था। लेकिन किसी को क्या पता था कि काम के दौरान ही उसकी जिंदगी खत्म हो जाएगी।
काम करते वक्त मशीन में फंसा हाथ
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गोल्हना गांव से एक ट्रैक्टर तीन मजदूरों को लेकर बटसारा गांव निवासी सुरेश पासवान के खलिहान में पुआल काटने पहुंचा था। वहां सभी मजदूर मशीन से पुआल काटने का काम कर रहे थे। इसी दौरान दशरथ प्रजापति मशीन में पुआल डाल रहा था। तभी अचानक उसका हाथ मशीन के अंदर चला गया। मशीन की रफ्तार इतनी तेज थी कि उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते वह मशीन की चपेट में आ गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे।
मुआवजे की मांग को लेकर तीन घंटे तक हंगामा
घटना की जानकारी मिलते ही पड़वा थाना प्रभारी चिंटू कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इधर मजदूर की मौत से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। परिजन ट्रैक्टर मालिक से उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे। इसको लेकर घटनास्थल पर करीब तीन घंटे तक तनाव और गतिरोध बना रहा। ग्रामीण लगातार मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे। बाद में ट्रैक्टर मालिक की ओर से मुआवजे की राशि देने पर सहमति बनी, तब जाकर परिजन शांत हुए और पुलिस को आगे की कार्रवाई करने दी गई।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
मामला शांत होने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद गोल्हना और बटसारा गांव में मातम का माहौल है। मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से सदमे में हैं। घटना की जानकारी मिलने पर समाजसेवी महाराणा प्रताप सिंह, उपेन्द्र नाथ सिंह और हरेन्द्र राम समेत कई लोग मौके पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और खलिहानों में काम के दौरान सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से इस तरह के हादसे लगातार हो रहे हैं।
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