Bihar : बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सम्राट सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में पांच जिलों में ग्रामीण एसपी (Rural SP) के नए पद बनाने को मंजूरी दे दी गई। सरकार का फैसला है कि इससे ग्रामीण इलाकों में पुलिसिंग बेहतर होगी और अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। करीब 40 मिनट चली इस बैठक में कुल 18 एजेंडों पर मुहर लगी, लेकिन ग्रामीण एसपी की नियुक्ति वाला फैसला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।
इन जिलों में होंगे ग्रामीण एसपी
सरकार ने पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, वैशाली, मधुबनी और सीवान में ग्रामीण एसपी की तैनाती का फैसला किया है। इसके लिए पांच नए पद सृजित किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि ये जिले अपराध, जमीन विवाद, साम्प्रदायिक तनाव और सीमावर्ती गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में अतिरिक्त पुलिस निगरानी की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। पूर्वी चंपारण और सीवान जैसे जिलों में सीमा से जुड़े मसले और संगठित अपराध की चुनौती बनी रहती है। वहीं वैशाली, समस्तीपुर और मधुबनी में भी समय-समय पर आपराधिक घटनाएं और सामाजिक तनाव देखने को मिलता रहा है। सरकार की कोशिश है कि ग्रामीण एसपी की तैनाती से गांव-कस्बों तक पुलिस की पकड़ मजबूत हो और त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।
महिलाओं के लिए भी बड़ी घोषणा
कैबिनेट बैठक में महिलाओं के लिए भी एक अहम फैसला लिया गया। सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना’ को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत अगर महिलाएं चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदती हैं, तो उन्हें 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटी या बाइक खरीदने पर 12 हजार रुपये तक की सहायता मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा।
विकास कार्यों के लिए बड़ा कर्ज
कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर कर्ज लेने का भी फैसला किया गया। सरकार वित्तीय वर्ष 2025-27 के दौरान 72 हजार 901 करोड़ रुपये तक का कर्ज लेगी। बताया गया है कि यह राशि अलग-अलग विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचे के कामों पर खर्च की जाएगी। कैबिनेट के फैसलों से साफ है कि सरकार एक तरफ कानून-व्यवस्था को मजबूत करना चाहती है, तो दूसरी तरफ विकास और रोजगार से जुड़े कदमों पर भी जोर दे रही है।
