Ranchi : झारखंड में अवैध बालू खनन, परिवहन और भंडारण पर लगाम कसने के लिए खान विभाग अब सख्त रुख में नजर आ रहा है। राज्य के कई जिलों में बालू घाटों का संचालन अब तक शुरू नहीं होने और अवैध कारोबार बढ़ने की शिकायतों के बीच 11 मई को राज्यस्तरीय टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह बैठक 11 मई को दोपहर 3 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएगी। इसमें सभी जिलों के उपायुक्त, जिला खनन पदाधिकारी, बीडीओ और सफल बोलीदाताओं को शामिल होने का निर्देश दिया गया है।
बताया गया है कि राज्य के 16 जिलों में कुल 229 बालू घाटों की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन लीज डीड की प्रक्रिया अटकी रहने की वजह से अब तक इन घाटों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। खान विभाग का कहना है कि घाट चालू नहीं होने से कई क्षेत्रों में अवैध बालू उठाव और खुलेआम बिक्री का सिलसिला जारी है। खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा ने लंबित लीज डीड मामलों की समीक्षा कर प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। बैठक में सभी आवंटित बालू घाटों की मौजूदा स्थिति की विस्तार से समीक्षा की जाएगी।
अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विभाग तकनीक का भी सहारा लेने जा रहा है। इसके तहत खनन क्षेत्रों की निगरानी के लिए सभी पट्टों की शेप फाइल तैयार की जा रही है, जिससे सैटेलाइट के माध्यम से गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा कोयला मंत्रालय के ‘खनन प्रहरी’ मोबाइल ऐप पर मिलने वाली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। संवेदनशील रूटों पर वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने, चेकपोस्ट स्थापित करने और रेलवे साइडिंग समेत प्रवेश-निकासी बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी योजना है।
Also Read : हजारीबाग को मिल सकता है झारखंड का पहला मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जगह तलाशने में जुटी सरकार


