Bundu : बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और स्मार्ट मीटर थोपे जाने के विरोध में आजसू पार्टी ने अब मोर्चा खोल दिया है। क्षेत्र में बिजली की बदहाल व्यवस्था और उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर पार्टी नेता राजकिशोर कुशवाहा के नेतृत्व में बड़े आंदोलन का ऐलान किया गया है। तय रणनीति के अनुसार, 2 और 4 मई को बुंडू स्थित बिजली कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन और धरना दिया जाएगा।
स्मार्ट मीटर को बताया उपभोक्ता विरोधी
आंदोलन का मुख्य केंद्र स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता है। आजसू नेताओं का तर्क है कि झारखंड सरकार उत्तर प्रदेश की तर्ज पर जबरन स्मार्ट मीटर लागू कर रही है, जो स्थानीय उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रहा है। पार्टी ने इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग की है।
लापरवाही का बोझ जनता पर क्यों?
पार्टी ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई इलाकों में बीते आठ महीने से लेकर एक साल तक मीटर रीडिंग नहीं की गई है। इसके कारण अब उपभोक्ताओं को मोटा बकाया और उस पर भारी ब्याज का नोटिस मिल रहा है। आजसू की मांग है कि विभाग की इस लापरवाही की सजा आम जनता को न दी जाए और बकाया राशि पर लगने वाले ब्याज का भुगतान स्वयं सरकार करे।
अंधेरे में ग्रामीण, बिलों में भारी गड़बड़ी
आंदोलन के माध्यम से खराब ट्रांसफार्मरों का मुद्दा भी उठाया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर जलने के बाद महीनों तक मरम्मत नहीं होती, जिससे पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहता है। इसके अलावा, बिना किसी ठोस आधार के भेजे जा रहे भारी-भरकम और त्रुटिपूर्ण बिजली बिलों में सुधार की भी पुरजोर मांग की गई है।
गांव-गांव तक पहुंचेगा अभियान
आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए बुंडू, तमाड़ और सोनाहातु प्रखंडों में सघन प्रचार अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता उपभोक्ताओं से विशेष फॉर्म भरवाएंगे, जिसमें उनकी बिजली संबंधी समस्याओं का विवरण होगा। इन शिकायतों को संकलित कर जिला प्रशासन और विभागीय उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
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