Simdega: नालसा के निर्देश पर सिमडेगा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में समाज में व्याप्त कुप्रथाओं के खिलाफ एक विशाल जनजागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने स्वयं किया, जिसमें न्याय प्रशासन से जुड़े कई लोग सड़क पर उतरकर लोगों को जागरूक करते नजर आए।
सिविल कोर्ट से शुरू हुई रैली
यह रैली सिमडेगा सिविल कोर्ट परिसर से शुरू हुई और शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होकर गुजरी। इस जागरूकता अभियान में न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और आम नागरिक शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर समाज को कुरीतियों से मुक्त करने का संकल्प लिया।
डायन बिसाही और बाल विवाह के खिलाफ आवाज
रैली का मुख्य उद्देश्य डायन बिसाही और बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक कुप्रथाओं को जड़ से समाप्त करना था। प्रतिभागियों ने अपने हाथों में तख्तियां लेकर और नारों के माध्यम से अंधविश्वास के खिलाफ संदेश दिया। लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि अंधविश्वास के कारण अक्सर निर्दोष महिलाओं और बच्चों को शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।
वैज्ञानिक सोच अपनाने पर जोर
रैली के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे आधुनिक युग में वैज्ञानिक सोच अपनाएं और किसी भी प्रकार के अंधविश्वास में न आएं। शिक्षा और जागरूकता के अभाव में ये कुप्रथाएं समाज को खोखला कर रही हैं। इसे एक गंभीर सामाजिक समस्या बताते हुए इसके दुष्परिणामों के प्रति ग्रामीणों को सचेत किया गया।
प्रधान जिला जज ने छात्रों से की अपील
मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में भी ऐसी कुप्रथाओं का अस्तित्व में रहना समाज के लिए चिंताजनक है। उन्होंने छात्रों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को जागरूक करें। उन्होंने जानकारी दी कि नालसा के निर्देश पर यह 90 दिनों का विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
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