Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    27 Apr, 2026 ♦ 7:09 PM
    • About Us
    • Contact Us
    • Webmail
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram WhatsApp
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुड़
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सराइकेला-खरसावां
      • साहेबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • राजनीति
    • बिहार
    • कारोबार
    • खेल
    • सेहत
    • अन्य
      • मनोरंजन
      • शिक्षा
      • धर्म/ज्योतिष
    Johar LIVEJohar LIVE
    Home»Uncategorized»भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू, 70% सामान होगा ड्यूटी-फ्री
    Uncategorized

    भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू, 70% सामान होगा ड्यूटी-फ्री

    SahayBy SahayApril 27, 2026Updated:April 27, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    New Delhi : भारत और न्यूजीलैंड के व्यापारिक संबंधों में आज, 27 अप्रैल 2026 को एक नए युग की शुरुआत हुई है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ (FTA) पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। यह समझौता न केवल दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को नई गति देगा, बल्कि निवेश के भी द्वार खोलेगा।

    16 साल लंबा सफर और अब नई शुरुआत

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस व्यापारिक समझौते की नींव 2010 में पड़ी थी। नौ दौर की बातचीत के बाद 2015 में यह प्रक्रिया ठप हो गई थी, जिसे मार्च 2025 में फिर से पटरी पर लाया गया। लंबी वार्ता के बाद 22 दिसंबर 2025 को बातचीत पूरी हुई और आज, 27 अप्रैल 2026 को इसे औपचारिक रूप दे दिया गया है।

    भारत को मिलने वाले बड़े फायदे

    70% सामान ड्यूटी-फ्री: कपड़ा, चमड़ा, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग उत्पादों पर न्यूजीलैंड में कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा। इससे भारतीय सामान वहां सस्ते होंगे और प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा। हथकरघा, हस्तशिल्प और ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) जैसी योजनाओं को वैश्विक स्तर पर बड़ी पहचान मिलेगी। कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार वीजा का नया कोटा तय किया गया है, जिसके तहत हर साल 5,000 लोगों को तीन साल तक काम करने की अनुमति मिलेगी।

    भारतीय दवाओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आसान होगी। इसके अलावा, पहली बार किसी पश्चिमी देश के साथ समझौते में आयुर्वेद, योग और यूनानी चिकित्सा (AYUSH) के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। न्यूजीलैंड को भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। भारत ने अपनी करीब 70.03% टैरिफ लाइनों को न्यूजीलैंड के लिए खोलने पर सहमति दी है। सस्ते प्रीमियम फल: कीवी, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे प्रीमियम फलों पर आयात शुल्क कम होगा, जिससे भारतीय मध्यम वर्ग के लिए ये उत्पाद अधिक किफायती हो जाएंगे।

    ‘न्यूजीलैंड एग्री-टेक्नोलॉजी एक्शन प्लान’ के तहत न्यूजीलैंड के विशेषज्ञ भारतीय किसानों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देंगे, जिससे फलों और फसलों की पैदावार में सुधार होगा। यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश का भी एक बड़ा माध्यम है। न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) करने का वादा किया है।

    अप्रैल 2000 से दिसंबर 2025 के बीच न्यूजीलैंड का कुल निवेश मात्र 8.9 करोड़ डॉलर था, ऐसे में यह निवेश प्रतिबद्धता भारत की आर्थिक रणनीति के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को एक-दूसरे के करीब लाएगा और आने वाले समय में द्विपक्षीय व्यापार के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

    Also Read : पीएम मोदी की बंगाल में हुंकार:कहा- 4 मई को BJP के शपथ ग्रहण समारोह में आऊंगा

    Breaking news FDI FTA India New Zealand FTA Trade Deal 2026 आयुष मंत्रालय आर्थिक संबंध फार्मा सेक्टर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था. भारतीय निर्यात व्यापार डील
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleफीस बढ़ाने पर डीएसपीएमयू में हंगामा, क्लासरूम से सड़क तक विरोध का ऐलान
    Next Article बिहार में वक्फ भूमि की अवैध जमाबंदी रद्द करने की मांग तेज, CM सम्राट चौधरी को भेजा गया पत्र

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    जगुआर कैंपस में बनेगा ‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय’, सीएम हेमंत ने की समीक्षा बैठक

    April 27, 2026
    झारखंड

    जनगणना-2027: चाईबासा में प्रगणकों को दिया गया विशेष तकनीकी प्रशिक्षण

    April 27, 2026
    झारखंड

    धनबाद: एयरपोर्ट और भू-धंसान पर गरमाया सियासी पारा, बीजेपी-झामुमो में आर-पार की जंग

    April 27, 2026
    Latest Posts

    जगुआर कैंपस में बनेगा ‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय’, सीएम हेमंत ने की समीक्षा बैठक

    April 27, 2026

    खूंटी में बैंक सुरक्षा को लेकर पुलिस सख्त, “ऑपरेशन प्रहरी” के तहत चला बड़ा अभियान

    April 27, 2026

    जनगणना-2027: चाईबासा में प्रगणकों को दिया गया विशेष तकनीकी प्रशिक्षण

    April 27, 2026

    रांची में 28 अप्रैल को मशाल जुलूस, नारी शक्ति के समर्थन में उतरेगी हजारों महिलाएं

    April 27, 2026

    धनबाद: एयरपोर्ट और भू-धंसान पर गरमाया सियासी पारा, बीजेपी-झामुमो में आर-पार की जंग

    April 27, 2026

    © 2026 Johar LIVE. Designed by Launching Press. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.