Ranchi : राजधानी रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में फीस वृद्धि को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी है। विश्वविद्यालय के कॉमर्स समेत कई विभागों में सालाना फीस लगभग दोगुनी कर दी गई है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों पर बड़ा बोझ पड़ गया है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में पहले से ही बुनियादी सुविधाओं की कमी है। कई विभागों में क्लासरूम, लैब और अन्य जरूरी शैक्षणिक संसाधनों का अभाव है। इसके बावजूद फीस में इतनी बड़ी बढ़ोतरी को वे पूरी तरह अनुचित बता रहे हैं।
कुलपति से बातचीत बेनतीजा
छात्र संगठनों ने इस मुद्दे पर पहले भी विरोध शुरू किया था, लेकिन उस समय नियमित कुलपति नहीं होने के कारण आंदोलन स्थगित कर दिया गया था। हाल ही में जब नए कुलपति की नियुक्ति हुई, तो छात्र प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की। हालांकि कुलपति ने साफ कहा कि फीस में किसी तरह का बदलाव संभव नहीं है।
छात्रों में बढ़ी नाराजगी
कुलपति के इस बयान के बाद छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया है। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय में सुविधाओं की कमी के बावजूद फीस बढ़ाना छात्रों के साथ अन्याय है। डीएसपीएमयू में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र झारखंड के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों से आते हैं। इनमें आदिवासी और मूलवासी समुदाय के छात्रों की संख्या भी अधिक है। कई छात्र छात्रवृत्ति पर निर्भर रहते हैं, लेकिन लंबे समय से छात्रवृत्ति में भी दिक्कतें बताई जा रही हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। छात्र नेताओं ने साफ कहा है कि अगर फीस वृद्धि वापस नहीं ली गई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि विरोध सिर्फ परिसर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर सड़क पर उतरकर भी प्रदर्शन किया जाएगा।
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