Jamshedpur : जमशेदपुर के डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में शुक्रवार को एक हैरान करने वाली घटना हुई। इलाज के लिए भर्ती एक विचाराधीन कैदी ने अस्पताल की सातवीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक की पहचान अशोक कुमार के रूप में हुई है, जो घाघीडीह जेल में बंद था। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। पुलिस के अनुसार, अशोक कुमार ने इससे पहले जेल के अंदर भी आत्महत्या की कोशिश की थी। उसने अपना गला काटने का प्रयास किया था, लेकिन जेल प्रशासन की सतर्कता से उसकी जान बच गई थी। इसके बाद गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर करने की तैयारी चल रही थी।
शुक्रवार दोपहर पुलिसकर्मी उसे जांच के लिए डॉक्टर के पास ले जा रहे थे। इसी दौरान उसने अचानक पुलिसकर्मियों की पकड़ से खुद को छुड़ा लिया और तेजी से भागते हुए अस्पताल की सातवीं मंजिल पर पहुंच गया। वहां से उसने नीचे छलांग लगा दी। गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही एमजीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रशासन ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराने का फैसला लिया है। साथ ही पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैदी वार्ड में सुरक्षा के बावजूद एक विचाराधीन कैदी का पुलिस निगरानी से निकलकर सातवीं मंजिल तक पहुंच जाना और वहां से कूद जाना बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय कितने पुलिसकर्मी ड्यूटी पर थे, सुरक्षा में कहां चूक हुई और आत्महत्या के पीछे असली वजह क्या थी। साथ ही मृतक की मानसिक स्थिति और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
Also Read : जीतपुर खनन परियोजना का मुआवजा शुरू, पहले ही दिन उमड़ी भीड़


