Ranchi : भारतीय डाक विभाग के रांची मंडल में एक ग्रामीण डाक सेवक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हरदाग शाखा डाकघर में कार्यरत अजीत कुमार, जो जीडीएस बीपीएम (ग्रामीण डाक सेवक शाखा पोस्टमास्टर) के पद पर तैनात हैं, उन पर विभागीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगे हैं। वरिष्ठ डाक अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि प्रारंभिक जांच में अजीत कुमार के खिलाफ कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
तय समय में देना होगा जवाब
विभाग की ओर से जारी नोटिस में अजीत कुमार को निर्धारित समय सीमा के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर या लिखित रूप में अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। विभाग ने साफ कहा है कि यदि समय पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो मामले में एकतरफा निर्णय लेते हुए नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डाक वितरण में लापरवाही का आरोप
जांच के दौरान यह सामने आया कि संबंधित कर्मचारी ने सरकारी और अभिलेखीय डाक के वितरण में लापरवाही बरती। विभाग के अनुसार, डाक का सही समय पर और विधिवत वितरण नहीं होना गंभीर विभागीय त्रुटि है, क्योंकि इससे आम लोगों के साथ-साथ सरकारी कार्य भी प्रभावित होते हैं।
अनधिकृत अनुपस्थिति भी दर्ज
विभागीय जांच में यह भी पाया गया कि अजीत कुमार कई बार बिना अनुमति अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित रहे। इसे सेवा नियमों का उल्लंघन माना गया है। डाक विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा है।
शून्य सहनशीलता की नीति पर जोर
डाक विभाग ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही और अनियमितता के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ यानी शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है। विभाग का कहना है कि सेवा में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कदम जरूरी हैं। विभाग ने संकेत दिया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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